गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को प्रशासनिक सख्ती का साफ संदेश देते हुए एसडीएम सदर दीपक गुप्ता और सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने तहसील क्षेत्र में सरकारी कार्यों में लगे मिट्टी ढुलाई के डंफर मालिकों के साथ अहम बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल के दिनों में डंफरों की तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाना था। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम दीपक गुप्ता ने सख्त लहजे में कहा कि पिछले एक महीने में डंफरों की लापरवाही से कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन हादसों की भरपाई कौन करेगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानव जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। “आपके वाहन अगर सड़क पर मौत बनकर दौड़ेंगे, तो प्रशासन चुप नहीं बैठेगा,” उन्होंने कहा।
एसडीएम ने डंफर मालिकों को निर्देश दिया कि वे अपने ड्राइवरों को सख्त हिदायत दें कि वाहन सावधानीपूर्वक और निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। ओवरलोडिंग, तेज गति, नशे में ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई चालक लापरवाही करते हुए पाया जाता है तो न केवल उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, बल्कि वाहन स्वामी को भी जिम्मेदार मानते हुए कठोर दंड दिया जाएगा।
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सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने भी बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस अब सड़कों पर विशेष अभियान चलाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले डंफरों को तत्काल सीज किया जाएगा और चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बैठक में खनन से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और बिना अनुमति के मिट्टी ढुलाई करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। खनन अधिकारी ने कहा कि सभी वाहन निर्धारित नियमों और वैध परमिट के तहत ही संचालित हों, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, भागीरथी सिंह, अरविंद नाथ पांडेय, नीरू सिंह और राकेश शुक्ला भी बैठक में मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में है और किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक के दौरान कई डंफर मालिकों ने भी अपनी बात रखी, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया कि व्यवसाय की आड़ में कानून से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर नियमों का पालन किया जाएगा तो किसी को कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन अगर लापरवाही जारी रही तो कड़ी कार्रवाई तय है।
अंत में एसडीएम ने कहा कि यह चेतावनी अंतिम समझी जाए। यदि इसके बाद भी डंफर चालक या मालिक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती, लाइसेंस निरस्तीकरण और मुकदमा दर्ज करना शामिल है।
प्रशासन की इस सख्ती से साफ है कि अब गोरखपुर में बेलगाम दौड़ रहे डंफरों पर लगाम कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आने वाले दिनों में सड़कों पर नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।














































