‘मेरी सीट से लड़िए उपचुनाव…’, हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दे दिया बड़ा ऑफर

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को मुर्शिदाबाद (Murshidabad) जिले की रेजिनगर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का खुला प्रस्ताव दिया। कबीर ने कहा कि यदि ममता बनर्जी इच्छा जताती हैं तो वह यह सीट उनके लिए छोड़ने को तैयार हैं, जबकि पहले इस सीट से अपने बेटे को उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर चुके थे।

टीएमसी की स्थिति पर उठाए सवाल

हुमायूं कबीर ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि All India Trinamool काँग्रेस पहले जैसी मजबूत स्थिति में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने ममता बनर्जी का भरोसा तोड़ा है और संगठन को कमजोर करने में भूमिका निभाई है। कबीर का कहना है कि ममता को सक्रिय संसदीय राजनीति में बने रहना चाहिए और जनता के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखनी चाहिए।

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टीएमसी छोड़कर बनाई नई पार्टी

कुछ महीने पहले तक टीएमसी का हिस्सा रहे हुमायूं कबीर ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया था। चुनाव में उन्होंने रेजिनगर और नौदा सीटों से मैदान में उतरकर दोनों क्षेत्रों में जीत दर्ज की। उनकी इस सफलता को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, जिसने क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है।

सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन को एक महीना पूरा हो चुका है। चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। विधानसभा चुनाव में टीएमसी को केवल 80 सीटों पर सफलता मिली, जबकि BJP ने 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने कई अहम प्रशासनिक फैसले लेने शुरू कर दिए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं।

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