गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गोरखपुर सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ श्रमदान और प्लॉग रन अभियान में सक्रिय भागीदारी की। सांसद ने नौका विहार क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के साथ प्लास्टिक कचरा एकत्र कर स्वच्छता अभियान चलाया और नागरिकों से स्वच्छ भारत मिशन में योगदान देने की अपील की।
सांसद रवि किशन का सक्रिय श्रमदान
अभियान के दौरान गोरखपुर महानगर जिलाध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर निगम के पार्षदों के साथ रवि किशन ने नौका विहार क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। सभी जनप्रतिनिधियों ने मिलकर प्लास्टिक कचरे को एकत्र किया और स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर
सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।
नौका विहार को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प
रवि किशन ने कहा, “नौका विहार को प्लास्टिक मुक्त एवं प्रदूषण मुक्त बनाना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण संकल्प है।” उन्होंने अपील की कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प ले, तो पूरे शहर और देश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
अभियान में भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों का प्रेरणादायक संदेश
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह श्रमदान एवं प्लॉग रन अभियान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुआ। सांसद रवि किशन के इस सक्रिय योगदान ने गोरखपुरवासियों में स्वच्छता के प्रति नई ऊर्जा और जागरूकता पैदा की है।
यह अभियान प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत विजन को स्थानीय स्तर पर मजबूती से लागू करने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।












































