गोरखपुर। खजनी क्षेत्र में राज्य कर विभाग (जीएसटी) और स्थानीय व्यापारियों के बीच ‘व्यापारी संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापार को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाना तथा विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। उप आयुक्त (जीएसटी) ऋषि भूषण पाठक ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जीएसटी प्रणाली पर विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम में जीएसटी पंजीकरण, नए नियम-14ए, ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और रिटर्न फाइलिंग में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से बातचीत हुई। व्यापारियों ने पोर्टल पर आने वाली समस्याओं, रिटर्न भरने की जटिलता और अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया। उप आयुक्त ऋषि भूषण पाठक ने इन मुद्दों को ध्यान से सुना और त्वरित समाधान के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
व्यापारियों ने कार्यक्रम में अपनी मुख्य समस्याएं और सुझाव रखे। उन्होंने ईंट भट्ठा संचालकों के लिए पाए की संख्या के आधार पर एकमुश्त कर जमा करने वाली ‘समाधान योजना’ को फिर से लागू करने की मांग की। साथ ही लिपिकीय त्रुटियों के कारण वाहनों को रोककर अर्थदंड वसूलने की कार्रवाई पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि विक्रेता द्वारा समय पर रिटर्न न भरने के कारण खरीदार को GSTR-2B में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ समय पर न मिलने की समस्या को दूर किया जाए।
Also Read : डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में त्वरित एवं विस्तारित डिग्री कार्यक्रम लागू करने की पहल
अधिकारियों का सकारात्मक रुख
उप आयुक्त ऋषि भूषण पाठक ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि विभाग इन मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेगा। उन्होंने पारदर्शी कर प्रणाली के लिए व्यापारियों और विभाग के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी से जुड़ी नई योजनाओं और सुविधाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का निष्कर्ष और प्रतिक्रिया
सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न इस कार्यक्रम की स्थानीय व्यापारियों ने सराहना की। व्यापारियों ने मांग की कि भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि दोनों पक्षों के बीच विश्वास और समन्वय और मजबूत हो सके।
यह कार्यक्रम व्यापार जगत और सरकार के बीच सेतु का कार्य करने में सफल रहा। खजनी के व्यापारियों का मानना है कि ऐसे प्रयासों से जीएसटी व्यवस्था और अधिक व्यापार अनुकूल बनेगी।













































