रायबरेली : जनपद के ग्रामीण इलाकों के विकास और आजीविका को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वीबीजीरामजी’ (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना का भव्य शुभारंभ हो गया है. जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देशानुसार, जनपद के सभी 18 विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में इस योजना के तहत विभिन्न विकास और जनहितकारी कार्यों की शुरुआत कर दी गई है. यह योजना अब मनरेगा का स्थान लेगी, जिसमें ग्रामीणों को पहले से अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी मिलेगी.
मनरेगा की जगह अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी
उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू की गई ‘वीबीजीरामजी’ योजना सीधे तौर पर मनरेगा की जगह लेगी. इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी. यही नहीं, श्रमिकों की दैनिक मजदूरी दर को भी 252 रुपये से बढ़ाकर अब 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है. पारिश्रमिक के समय पर भुगतान के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं; कार्य पूरा होने के 7 से 15 दिनों के भीतर श्रमिकों के खातों में मजदूरी भेज दी जाएगी.
कृषि सीजन में 60 दिनों तक बंद रहेगा काम
इस योजना में पहली बार किसानों और मजदूरों के हितों में बड़ा संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है. नए बिल के प्रावधानों के अनुसार, बुवाई और कटाई के मुख्य कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों तक योजना के तहत कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे. इससे खेतों में काम करने के लिए किसानों को आसानी से मजदूर उपलब्ध हो सकेंगे और कृषि कार्यों पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा.
प्रत्येक ब्लॉक में 6-6 कार्यों के साथ शुरुआत
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजुलता ने बताया कि जनपद की कुल 980 ग्राम पंचायतों में से शुरुआत में प्रति विकास खंड 2-2 ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर इसकी लॉन्चिंग की गई. इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, श्रमिक और स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं मौजूद रहीं. शासन स्तर से जिले को शुरुआत में 94 कार्यों का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष प्रशासन ने आज से ही प्रति विकास खंड 6-6 कार्यों की शुरुआत करा दी है.
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