लखनऊ। लखनऊ के चर्चित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहे बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर पर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की joint टीम ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई की। पूरे ऑपरेशन में 14 घंटे से ज्यादा समय लगा।
IPS किरण यादव के नेतृत्व में छापा
कार्रवाई की कमान 2021 बैच की IPS अधिकारी और ADCP क्राइम किरण यादव के हाथ में थी। मंगलवार देर रात शुरू हुआ यह सर्च ऑपरेशन बुधवार सुबह तक चला।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कंप्यूटर, लैपटॉप और हैवी सर्वर जब्त किए हैं। छापेमारी के दौरान 20 युवतियों सहित 100 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को कस्टडी में ले जाने के लिए पुलिस को मौके पर 3 बसें बुलानी पड़ीं।
कैसे चल रहा था शातिर गिरोह?
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह विदेश में बैठे अपने मुख्य लीडर के इशारे पर काम कर रहा था। गिरोह अमेजॉन जैसी प्रसिद्ध ऑनलाइन कंपनियों के फेक रिफंड और कस्टमर सपोर्ट के नाम पर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था। इस गिरोह ने करोड़ों रुपये की ठगी की है।
जांच शुरू
क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने इनके विदेशी लिंक, जाली बैंक खातों और हवाला नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई लखनऊ में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। ADCP क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की सराहना हो रही है।
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