UP: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के व्यस्त तहसील गेट के सामने कूड़े के ढेर में बड़ी संख्या में आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पड़े मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने जब कचरे में बिखरे आधार कार्ड देखे तो मौके पर भीड़ जमा हो गई और सूचना तेजी से पूरे इलाके में फैल गई।
आधार कार्ड के साथ वित्तीय दस्तावेज भी मिले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कूड़े के ढेर में केवल आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य गोपनीय कागजात भी बिखरे पड़े थे। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश आधार कार्ड राही ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामीणों के हैं। दस्तावेजों के खुले में पड़े मिलने से संबंधित लोगों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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ग्रामीणों की परेशानी, सिस्टम पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए उन्हें लंबे समय तक डाकघर और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में जिन दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए था, उनका इस तरह कूड़े में मिलना गंभीर लापरवाही का संकेत माना जा रहा है। इस घटना ने दस्तावेजों के वितरण और संरक्षण की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक लापरवाही या कोई और वजह?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज कूड़े के ढेर तक कैसे पहुंचे। यह भी जांच का विषय है कि इन्हें गलती से फेंका गया या इसके पीछे किसी की लापरवाही अथवा अन्य कारण हैं। स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच की मांग, कार्रवाई का इंतजार
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। संबंधित विभागों से पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
















































