UP: चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र में एचआईवी (HIV) संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. चतुर्वेदी के अनुसार, अस्पताल में अब तक 218 एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 6 मरीजों की उपचार के दौरान मृत्यु भी हो चुकी है। हाल के आंकड़े संक्रमण के बढ़ते खतरे की ओर संकेत कर रहे हैं।
तीन महीनों में चार गुना बढ़े नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष अप्रैल से जून के बीच केवल 3 नए एचआईवी संक्रमित मरीज मिले थे, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में 12 नए मामले सामने आए हैं। यानी एक साल में नए मरीजों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी को देखते हुए विभाग ने जांच और निगरानी की गतिविधियों को और तेज कर दिया है।
जागरूकता अभियान और शिविरों पर जोर
संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। काउंसलर, टीबी व एचआईवी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। साथ ही, लोगों को संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और संक्रमित मरीजों को नियमित दवा लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
इन इलाकों पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि अहिरौली नगर और काली महाल ऐसे इलाके हैं, जहां पिछले वित्तीय वर्ष में 15-15 एचआईवी संक्रमित मरीज मिले थे। इसी वजह से इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय, समय पर कराएं जांच
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एचआईवी मुख्य रूप से संक्रमित रक्त और असुरक्षित यौन संबंध के माध्यम से फैलता है। इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध अपनाना, कंडोम का इस्तेमाल करना और इंजेक्शन लगवाते समय हमेशा नई एवं संक्रमण-मुक्त सुई का उपयोग करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को संक्रमण की आशंका हो तो बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।












































