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मेरठ: धारा 144 लगाई, आयोजक बदर अली के आगे गिड़गिड़ाए अधिकारी, फिर भी जबरन निकाला विरोध मार्च और की पुलिस अफसरों से मारपीट

Meerut forcible protest

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और प्रशासन की इजाजत के बगैर भीड़ हिंसा के विरोध में शांति मार्च निकाला गया जिसने बवाल का रूप अख्तियार कर लिया। शांति मार्च ऐसा उग्र हुआ कि उपद्रवियों की भीड़ बेकाबू हो गई और इसके आयोजक बदर अली के हाथ से कमान निकल गई। गली-मोहल्लों से निकलकर युवक जुलूस में शामिल होने लगे। इसी दौरान उपद्रवियों की भीड़ में कुछ लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ से हाथापाई भी की। जानकारी के मुताबिक, इलाके में धारा 144 लागू थी, बावजूद इसके बदर अली ने मानमाने ढंग से जुलूस निकलवाया।


आयोजकों ने नोटिस तक रिसीव नहीं किया

जानकारी के मुताबिक, शांति मार्च की घोषणा शुक्रवार को ही कर दी गई। इसके बाद से पुलिस और प्रशासनिक अधिकरी आयोजक बदर अली और बाकियों को मनाने में लगे थे। लेकिन बदर अली और शहर काजी ने अधिकारियों का अनुरोध नहीं माना। अधिकारियों ने चेताया था कि इलाके में धारा 144 लगी है और इसको लेकर नोटिस भी दिया गया, पर शांति मार्च के आयोजकों ने नोटिस रिसीव नहीं किया।


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सपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि इसी को लेकर शुक्रवार को आयोजक बदर अली और शहर काजी समेत बाकी कई लोगों से बात की गई थी, उन्हें बताया गया था कि शांति मार्च न निकालें। लेकिन आयोजकों ने अधिकारियों की एक न मानी और जबरन जुलूस निकाला। खास बात तो यह रही कि बदर अली और बाकी आयोजकों ने शांति मार्च का आह्वान किया था लेकिन जुलूस के दौरान बदर अली सामने नहीं आया। पुलिस प्रशासन के पास इनपुट है कि युवकों को पहले से ही मीटिंग कर समझा दिया गया था कि क्या करना है और कहां जाना है।


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यही वजह है कि पुलिस के लाख समझाने के बावजूद उपद्रवियों की भीड़ नहीं रुकी और पुलिस पर भी हमला कर दिया। भीड़ का कोई नेतृत्व नहीं था, लेकिन ऐसा लग रहा था कि सब कुछ फिक्स है। उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया तो मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया। इंदिरा चौक पर एक युवक के घायल होने के बाद भीड़ ने पुलिस से धक्कामुक्की शुरू कर दी, एसपी सिटी और सीओ समेत इंस्पेक्टर से शांति मार्च में शामिल उपद्रवियों ने खींचतान और हाथापाई की। भीड़ उग्र हो गई और जमकर बवाल हुआ। इस दौरान इस शांति मार्च या जुलूस में बाहरी युवक भी शामिल हुए।


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वहीं इस मामले पर मेरठ एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि बदर अली समेत 70 लोग नामजद व 1000 अज्ञात के खिलाफ 5 थानों में मुकदमा कायम किया गया है। आरोपियों पर रासुका लगाई जायेगी। जल्द सभी की गिरफ़्तारी होगी फिलहाल, पूरे मामले में शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।


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