फर्रुखाबाद में फिर बढ़ा खतरा : पांचाल घाट गंगा पुल के ज्वाइंट दोबारा खुले, हाईवे पर हर दिन गुजर रहे हजारों वाहन

पांचाल घाट, फर्रुखाबाद : इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित जिले का बेहद महत्वपूर्ण पांचाल घाट गंगा पुल एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। पुल के दो प्रमुख ज्वाइंट दोबारा खुल जाने से यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि ज्वाइंट्स के बीच से लोहे के एंगल और सरिया बाहर निकल आए हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

जानकारी के अनुसार पुल के एक ज्वाइंट में करीब 3 से 4 फीट तक गैप बन गया है, जबकि दूसरे ज्वाइंट में भी लगभग 3 फीट की दरार दिखाई दे रही है। दोनों स्थानों पर लोहे की सरिया साफ नजर आ रही है। वाहन चालकों का कहना है कि पुल से गुजरते समय तेज झटके महसूस हो रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

50 साल पुराना पुल, बार-बार सामने आ रही खामियां

पांचाल घाट गंगा पुल करीब पांच दशक पुराना है और अब इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पुल के ज्वाइंट खुलने की समस्या कोई नई नहीं है। माघ मेले से पहले भी यह मामला सामने आया था, जिसके बाद संबंधित विभाग ने मरम्मत कराई थी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी।

बीते अप्रैल माह में भी पुल का एक ज्वाइंट अचानक खुल गया था। उस समय अस्थायी समाधान के तौर पर उसमें मिट्टी डालकर रास्ता समतल करने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह इंतजाम कुछ ही दिनों में फेल हो गया। अब फिर वही स्थिति बनने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

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हाईवे की लाइफलाइन बना है

यह पुल फर्रुखाबाद को कई जिलों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे होने के कारण यहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के चलते पुल पर दबाव और बढ़ रहा है।

NHAI ने रखा डिवाइडर, लेकिन सवाल बरकरार

खतरे को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने खुले ज्वाइंट के ऊपर फिलहाल डिवाइडर रखवा दिया है ताकि वाहन सीधे उस हिस्से से न गुजरें। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी व्यवस्था है और इससे स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।

स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तकनीकी जांच कराकर जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह पुल किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

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