पेपर लीक से महंगाई तक भाजपा सरकार पर हमलावर हुए आदित्य यादव, बोले- 2027 में जनता देगी जवाब

सैफई : पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, महंगाई, रोजगार और व्यापार जैसे मुद्दों को लेकर सपा के बदायूं सांसद आदित्य यादव ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षा से लेकर आर्थिक मोर्चे तक सरकार की नीतियां लगातार सवालों के घेरे में हैं, लेकिन युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा।

सैफई स्थित अपने आवास पर आयोजित जनता दरबार में सैफई समाचार से बातचीत के दौरान आदित्य यादव ने कहा कि 2024 में पेपर लीक के बाद सीबीआई जांच और सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन 2026 में भी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खत्म नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गंभीर बीमारी बन चुका है।

सवाल यह है कि जिन लोगों ने लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया, क्या उन तक कार्रवाई पूरी तरह पहुंच सकी।
नीट परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि हालिया पेपर लीक और विवादों ने छात्रों व अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने यूपी के एक युवक द्वारा तनाव में आत्महत्या किए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था की अनिश्चितता युवाओं को मानसिक दबाव में धकेल रही है। सरकार को केवल परीक्षा दोबारा कराने तक सीमित न रहकर ऐसे मामलों के सामाजिक और मानसिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि 2024 से 2026 तक यदि परीक्षा व्यवस्था पर वही सवाल बने हुए हैं तो यह सरकार की नीतियों और दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब सरकार की विफलताएं जनता के बीच खुलकर सामने आ चुकी हैं और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता इन मुद्दों पर भाजपा को जवाब देने का काम करेगी।

रोजगार के मुद्दे पर आदित्य यादव ने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट से निकलने वाले मेधावी छात्रों के लिए रोजगार और कौशल आधारित अवसर तैयार होने चाहिए, ताकि युवा अपनी क्षमता और योग्यता का पूरा उपयोग कर सकें। यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद अवसर नहीं मिलेंगे तो युवाओं में निराशा बढ़ना स्वाभाविक है।

ऑनलाइन शिक्षा पर उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज की जरूरत है, लेकिन इसके नाम पर मूलभूत शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षकों की चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को ऑफलाइन और ऑनलाइन शिक्षा के बीच संतुलन बनाकर मजबूत नीति तैयार करनी चाहिए।

महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर आदित्य यादव ने कहा कि इसका सीधा असर किसान, व्यापारी और आम आदमी पर पड़ रहा है। ईंधन दरों में बढ़ोतरी से खेती, परिवहन और बाजार की लागत बढ़ रही है, जिसका बोझ आखिरकार जनता पर ही पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर राहत देने के बजाय आंकड़ों और बयानों के जरिए स्थिति को हल्का दिखाने की कोशिश करती रही है।

प्रधानमंत्री के सोना नहीं खरीदने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सोना उद्योग देश के बड़े रोजगार आधारित क्षेत्रों में शामिल है। देश में करीब एक करोड़ कारीगर, व्यापारी और श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार से जुड़े हैं, जबकि इनके पीछे लगभग पांच करोड़ परिवारों की आजीविका भी निर्भर है।

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उन्होंने कहा कि अहमदाबाद देश के बड़े ज्वेलरी कारोबार केंद्रों में शामिल है, ऐसे में इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाले किसी भी बयान या नीति पर सरकार को स्पष्टता और संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

आदित्य यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जमीनी मुद्दों से ज्यादा छवि आधारित राजनीति में उलझी दिख रही है, जबकि शिक्षा, रोजगार, महंगाई और व्यापार जैसे सवाल आज भी जनता के बीच खड़े हैं। विपक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा, क्योंकि यही आमजन और युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े विषय हैं।

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