उत्तर प्रदेश : रायबरेली में पीएम आवास योजना में बड़ा खेल, ग्रामीण विकास मंत्रालय की जांच में खुली पोल

रायबरेली : प्रधानमंत्री आवास योजना में दोहरा लाभ लेने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. जांच में खुलासा हुआ है कि जिले के दो लाभार्थियों ने अलग-अलग स्थानों पर स्थायी निवास दर्शाकर योजना का लाभ दो बार हासिल कर लिया। मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने अब वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, छतोह ब्लॉक के डीघा गांव निवासी पवन कुमार को वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत रायबरेली जिले में आवास स्वीकृत हुआ था। इसके बाद उन्होंने अमेठी जिले की गौरीगंज नगर पंचायत में अपना स्थायी निवास दर्शाते हुए वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना का लाभ भी प्राप्त कर लिया। जांच में पता चला कि उन्होंने दोनों जिलों से आवास की पूरी धनराशि हासिल की.

इसी तरह हरचंदपुर ब्लॉक के टेरीमनिया टीकर गांव निवासी संत कुमारी को वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का लाभ मिला. जांच के दौरान सामने आया कि इससे पहले वह बछरावां नगर पंचायत से भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब दो लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर चुकी थीं। दोनों जगह आवेदन करते समय उन्होंने यह घोषणा की थी कि उनके नाम पर अन्य कोई मकान नहीं है.

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ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर कराए गए सत्यापन में दोनों मामलों की पुष्टि हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों के विपरीत दोहरा लाभ लेने वाले लाभार्थियों से आवास की राशि वापस लेने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच कराई जा रही है.

परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चंद्र ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रधानमंत्री आवास योजना के शहरी और ग्रामीण लाभार्थियों की सूची प्राप्त हुई है. सूची का सत्यापन कराया जा रहा है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी.

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