अलीगढ़: पुलिस की पिटाई में टूटा संघ कार्यवाह का दांत, भाजपाइयों से बचाने के लिए इंस्पेक्टर के केबिन में बंद पुलिस टीम, SSP ने गलती मान किया 5 को सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सासनी गेट थाने में गुरुवार की रात जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। सूत्रों ने बताया कि यहां बेटे के साथ हुई मारपीट की शिकायत लेकर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की केशव नगर शाखा के संघ कार्यवाह श्याम सुंदर और परिजनों पर पुलिस टीम ने मारपीट कर लाठियां बरसा दीं। पुलिस की पिटाई में संघ कार्यवाह का दांत भी टूट गया। वहीं थाने में हुए हंगामे की खबर पर पहुंचे भाजपाइयों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा काटा और पुलिस विरोधी नारे भी लगाए। इस दौरान खुद को बचाने के लिए इंस्पेक्टर के केबिन में बंद हुई पुलिस टीम को बाहर खींचने के लिए केबिन का दरवाजा तक तोड़ दिया गया।


सीसीटीवी फुटेज देख उड़े एसएसपी के होश

वहीं हंगामे की सूचना मिलने पर पहुंचे भाजपा विधायकों और एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने किसी तरह हंगामा शांत कराया। इधर एसएसपी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम की गलती मानते हुए फिलहाल पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड करने और गैर जनपद तबादले की प्रक्रिया कराने का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ। वहीं मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।


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जानकारी के मुताबिक कोतवाली के मानिक चौक निवासी संघ कार्यवाह श्याम सुंदर गुप्ता का बेटा गौरव अपने मोहल्ले के ही दोस्त आशू पुत्र अनिल के साथ रात करीब नौ बजे किसी काम से स्कूटी से फूल चौराहा शिब्बो कचौड़ी वाले की दुकान के पास गया था। लेकिन यहां एक ढकेल वाले से उसकी स्कूटी टकरा गई और फिर विवाद बढ़ गया। जिसके बाद ढकेल संचालक और उसके समर्थकों ने मारपीट कर दी। आरोप है कि इस दौरान गौरव की जंजीर भी लूट ली। वहीं सूचना पर पहुंची सासनी गेट पुलिस गौरव, आशू और ढकेल वाले को पकडक़र थाने ले आई। इधर श्याम सुंदर अपने दूसरे बेटे पारस और राहुल के साथ थाने पहुंच गए।


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आरोप है कि उस समय थाने में मौजूद दरोगा राजू राणा और मदन पाल ने उल्टा गौरव और आशू के खिलाफ मुकदमा लिखने की बात कही। इस पर श्याम सुंदर ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी बदसलूकी करने लगे और उन्हें धक्के मारकर बाहर जाने को कहने लगे।पुलिसकर्मियों के इस बर्ताव को देखकर श्याम सुंदर ने थाने के पास ही रहने वाले भाजपा नेता राजेश यादव को बुला लिया। आरोप है कि उनके आने पर पुलिसकर्मी और ज्यादा भडक़ गए और फिर थाने का मेन गेट बंद कर, वायरलेस भी बंद कर दिए गए और सीसीटीवी कैमरों को घुमाकर सभी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं जमकर लाठियां भी बरसाईं। पिस्टल तक तान दी गई। वहीं ये लोग पिटने से बचने के लिए थाने से निकलकर जयगंज में सासनी गेट चौराहे की ओर दौड़े तो पुलिसवालों ने वहां भी पीछे दौड़ाकर लाठियां बरसाई।


इंस्पेक्टर के केबिन में बंद कर दिए गए पुलिसकर्मी

इसी बीच सूचना मिलने पर इलाके के तमाम भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और घटनाक्रम समझकर विरोध शुरू किया तो मारपीट करने और लाठियां बरसाने में शामिल सभी पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर के केबिन में बंद हो गए। इस पर भाजपाइयों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें बाहर निकालने की कोशिश में केबिन का कांच और एल्युमिनियम का गेट तक उखाड़ दिया।


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वहीं सूचना मिलने पर पहुंचे सीओ प्रथम विशाल पांडेय से भी कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई। तब तक शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी, प्रदीप पेंटर, आरएसएस के जिला प्रचारक जितेंद्र, महानगर कार्यवाह ललित जी, युवा मोर्चा अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी आदि तमाम लोग पहुंच गए। साथ में एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी आशुतोष द्विवेदी, एडीएम सिटी एसबी सिंह, कई सीओ व इंस्पेक्टर भी आ गए।


सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ पूरा मामला

इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं ने किसी तरह हंगामा शांत कराया और फिर उसके बाद सीसीटीवी फुटेज चेक की गई। सीसीटीवी फुटे में साफ-साफ दिखा कि जयगंज के भाजपा नेता और पुलिस मित्र के रूप में सक्रिय रहने वाले राजेश यादव सबसे पहले वहां पहुंचने वालों में शामिल थे। विवाद पर वे दोनों पक्षों में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे और दोनों पक्षों को अलग कर रहे थे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन पर भी लाठियां बरसाईं और एक दरोगा ने सीने पर पिस्टल तानकर यहां तक कह दिया कि आज हट जाओ वरना गोली चला दूंगा। फुटेज चेक करने के बाद अधिकारियों के सामने मुकदमा और तत्काल निलंबन की बात रखी गई।


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एसएसपी ने घटना पर खेद व्यक्त किया

वहीं एसएसपी आकाश कुलहरि ने सार्वजनिक रूप से ये भी स्वीकारा किया कि पुलिस ने यहां धैर्य खोकर कानून तोड़ा है। इसके लिए पुलिस टीम लीडर के रूप में उन्होंने गलती मानते हुए खेद व्यक्त किया और घटना में फौरी तौर पर दोषी पाए जा रहे पांचों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर गैर जनपद तबादला कराने की बात कही। एसएसपी की बात सुनकर सभी मान गए और थाने से चले गए।


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