फर्रुखाबाद : जिले में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ताजा मामला थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला बीबीगंज का है, जहां सुबह दुकान खोलने जा रहे एक दुकानदार पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके पैर में गहरे घाव होने के कारण अस्पताल में तीन टांके लगाने पड़े।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला बीबीगंज निवासी 55 वर्षीय अनिल कुमार गुप्ता परचून की दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान आवाजपुर गांव में स्थित है। गुरुवार सुबह वह रोजाना की तरह करीब छह बजे बाइक से दुकान खोलने के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक कई आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया और हमला बोल दिया। कुत्तों ने उनके पैर को निशाना बनाते हुए दो स्थानों पर बुरी तरह काट लिया। अचानक हुए हमले से अनिल कुमार बाइक से असंतुलित होकर गिर पड़े और दर्द से चीखने लगे।
घटना के दौरान उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। स्थानीय लोगों ने डंडों और लाठियों की मदद से कुत्तों को खदेड़ा और घायल दुकानदार को बचाया। हमले में उनके पैर से काफी खून बहने लगा था। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।
घायल के पुत्र प्रियांशु गुप्ता तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें उपचार के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. दीपक तिवारी ने उनका उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार कुत्तों के काटने से पैर में दो गहरे घाव हो गए थे और लगातार रक्तस्राव हो रहा था। स्थिति को देखते हुए घावों पर तीन टांके लगाए गए तथा एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाएं दी गईं।
प्राथमिक उपचार के बाद अनिल कुमार की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मोहल्लों और सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों ने एक बार फिर नगर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।












































