गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने शहर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। पत्रकारों ने तीखे सवाल पूछे, जिसका अधिकारियों ने बेबाकी से जवाब दिया।
कार्यक्रम का आयोजन और स्वागत
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम में संवाद, जवाबदेही और साझेदारी का सुंदर मेल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ उपस्थित रहे। एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव की उपस्थिति ने यातायात संबंधी मुद्दों पर विशेष चर्चा को बल दिया।
प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के नेतृत्व में डीएम और एसएसपी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के पदाधिकारियों अरविंद राय, शेष नारायण पाण्डेय, सतीश पांडेय, टीपी शाही सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंटकर उनका सम्मान किया।
विकास की नई रूपरेखा: डीएम दीपक मीणा
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर तेजी से बदल रहा है। शहर अब पारंपरिक स्वरूप से आगे बढ़कर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी की ओर अग्रसर है। उन्होंने जीटी रोड विस्तार, रोड चौड़ीकरण, नाला निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की जानकारी दी।
डीएम ने बताया कि गोडधोइया नाला, विरासत गलियारा, सहजनवा पुल और सिक्स लेन पुल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और बिंदुवासिनी पार्क में दो किलोमीटर लंबे ट्रैक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शहर का सौंदर्यीकरण भी प्राथमिकता में है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के विस्तार, सीएचसी-पीएचसी को मजबूत करने और उच्च शिक्षा के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया। उन्होंने नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था और साइबर अपराध पर एसएसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने गोरखपुर पुलिस की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि साइबर अपराध के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है और पीड़ितों को उनके पैसे वापस दिलाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस को और अधिक तकनीक आधारित बनाया जाएगा। बीट सिस्टम को मजबूत करने, नई फोर्स की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी पर काम चल रहा है। उन्होंने कोविड के बाद बदले परिवेश के अनुरूप पुलिसिंग व्यवस्था को ढालने की बात कही।
यातायात व्यवस्था पर फोकस
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने निर्माण कार्यों के कारण आने वाली अस्थायी परेशानियों को स्वीकार करते हुए कहा कि टीम लगातार यातायात को सुचारू बनाए रखने का प्रयास कर रही है। दुर्घटना प्रभावितों को कैशलेस योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने जनता से यातायात नियमों का पालन करने और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की।
पत्रकारों के तीखे सवाल, अधिकारियों के स्पष्ट जवाब
कार्यक्रम में पत्रकारों ने सक्रिय रूप से सवाल उठाए। हरेन्द्र दुबे, प्रिंस पांडेय, मुकेश पांडेय, रशाद लारी, फैयाज, राजीव पांडेय, मुर्तुजा रहमानी, आशीष भट्ट, अरुण त्रिपाठी और रमेश मणि सहित कई पत्रकारों ने सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाले, चोरी, अवैध स्टैंड, धूल-प्रदूषण, पुलिस पिकेट और नदियों में डूबने की घटनाओं जैसे मुद्दे उठाए।
डीएम और एसएसपी ने हर सवाल का बेबाक जवाब दिया। डीएम ने निर्माण कार्यों के दौरान छिड़काव सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। एसएसपी ने ई-रिक्शा सत्यापन, नई फोर्स तैनाती और जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी। अवैध स्टैंड के मामले में निजी भूमि पर बस स्टैंड बनाने की अनुमति देने की बात कही गई।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शंकर सिन्हा ने किया।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम गोरखपुर में विकास, सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का प्रभावी मंच साबित हुआ।












































