लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कैंपस में मंगलवार को एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान हसम अहमद के रूप में हुई है, जिस पर मेडिकल छात्रों को गुमराह करने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। उसे कैंपस के सर्जरी विभाग के पास से पकड़ा गया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
धर्मांतरण की साजिश का आरोप
प्रशासन के अनुसार, आरोपी पर मेडिकल छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उन्हें बाहर ले जाने और कथित रूप से धर्मांतरण जैसी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप हैं। साथ ही यह भी सामने आया कि वह छात्रों को विदेश में डॉक्टरों से मुलाकात कराने का झांसा देकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
फर्जी पहचान और कैंपस में संदिग्ध गतिविधियाँ
जांच में पता चला कि हसम अहमद खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल कैंप आयोजित करता था और डॉक्टर की वेशभूषा में KGMU परिसर में घूमता था। उसके संपर्क में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं होने की बात सामने आई है। वह कई विभागों में अपनी पहुंच होने का दावा करता था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जाली दस्तावेज और संस्थागत नेटवर्क का दावा
प्रशासन ने बताया कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए लेटरहेड और दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, जिनमें जाली हस्ताक्षर भी शामिल हैं। वह एक स्वयंसेवी संस्था चलाने का दावा करता था और जल्द अस्पताल खोलने की बात भी कह रहा था। पूछताछ में उसने अपने साथ जुड़े कुछ डॉक्टरों के नाम भी बताए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच जारी, कई कड़ियों की पड़ताल
KGMU प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर साजिश मानते हुए पुलिस से विस्तृत जांच की मांग की है। पुलिस अब आरोपी के संपर्कों, संस्था और कथित नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।














































