गोरखपुर : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा मेधावी विद्यार्थियों के लिए यूजीसी नेट/जेआरएफ (जून परीक्षा) की तैयारी हेतु कोचिंग कक्षाओं का संचालन कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों में शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के इक्विटी इनिशिएटिव के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में स्थापित नेट लर्निंग सेंटर्स के माध्यम से ये कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं और लगभग डेढ़ माह तक चलेंगी। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में संचालित इन कक्षाओं में कुल 1595 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, और वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठा रहे हैं.
इन नामांकित विद्यार्थियों में Physics, Defence & Strategic Studies, Botany, Biotechnology, Sociology, Physical Education, Economics, Fine Arts & Music, Commerce, English, Hindi, Education, Philosophy, Geography, Sanskrit, Urdu, Political Science, Law, Psychology, Agriculture (Agricultural Economics), Agriculture (Agricultural Extension), Business Administration, Home Science, History/Ancient History, Maths, Chemistry, Zoology और Journalism विभाग शामिल हैं.
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा पीएम-उषा के तहत विगत वर्ष एवं वर्तमान सत्र में मिलाकर लगभग 67 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। सरकार की यह पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता हेतु सक्षम बनाने के उद्देश्य से की गई है.
कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन, प्रश्नों के विश्लेषण और उत्तर लेखन की तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कोचिंग कक्षाओं के परिणामस्वरूप यूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने यूजीसी एवं सीएसआईआर नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण किया है, और विश्वविद्यालय में नेट कोचिंग संचालन शुरू होने के बाद से प्रत्येक नेट/जेआरएफ परिणाम में लगभग 300 अधिक विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर चुके है
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल को अत्यंत प्रभावी बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं हेतु बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यूजीसी एवं सीएसआईआर-नेट जेआरएफ जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन तथा समर्पण के साथ इन कोचिंग कक्षाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए.
इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएसडब्लू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार नेट कोचिंग कक्षाओं के संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं तीव्र गति से पूरी की जा रही हैं.
Also Read : भारत–मलेशिया शैक्षिक सहयोग को नई ऊँचाई, DDUGU और MSU की रणनीतिक भागीदारी
विदित हो कि यूजीसी नेट उच्च शिक्षा में अध्यापन के लिए एक अनिवार्य योग्यता है। नेट परीक्षा में सफलता प्राप्त कर फेलोशिप अर्जित करने से विद्यार्थियों के लिए शोध कार्य के अवसर सुलभ हो जाते हैं। साथ ही, यूजीसी नेट प्रमाणन उनकी रोजगार संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.










































