Noida Labour Protest: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस केस के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान उसने अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और इस घटना के पीछे की गहराई से जांच कर रही है।
तमिलनाडु से हुई गिरफ्तारी, लंबे समय से था फरार
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। आदित्य काफी समय से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था और कई राज्यों में उसकी तलाश चल रही थी।
हिंसा की साजिश का मास्टरमाइंड निकला इंजीनियर
जांच में सामने आया है कि आदित्य पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और उसी ने इस पूरे घटनाक्रम की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि उसने श्रमिक प्रदर्शन को हिंसक रूप देने के लिए लोगों को उकसाया और पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। उसके खिलाफ पहले से ही थाना फेज-2 में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
संगठनों के साथ बैठकों में बना था पूरा प्लान
पुलिस जांच के मुताबिक, 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कई बैठकों के जरिए इस हिंसा की रूपरेखा तैयार की गई थी। इन बैठकों में कुछ संगठनों के सदस्य भी शामिल थे, जिनका उद्देश्य आंदोलन के नाम पर बड़े स्तर पर अशांति फैलाना था। शुरुआती दौर में मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाला आदित्य धीरे-धीरे एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
बड़े नेटवर्क और फंडिंग की जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या बाहरी फंडिंग का हाथ है या नहीं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस केस में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी भी संभव है।















































