रायबरेली : सिर्फ एक पैकेट गुटखे की उधारी न मिलने पर उपजे खूनी आक्रोश ने एक हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को हमेशा के लिए सुला दिया था। इंसाफ की चौखट पर आखिरकार उस सनकी कातिल के पापों का घड़ा फूट गया है। करीब तीन साल पहले मामूली बात पर दुकानदार को मौत के घाट उतारने वाले कसाई प्रवृत्ति के आरोपी संतलाल वर्मा को अदालत ने शुक्रवार को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की कड़क सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कातिल अब अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे रोते हुए काटेगा।
क्या थी वो खौफनाक रात?
वारदात पांच फरवरी 2023 की है। ऊंचाहार इलाके के करसेनी मजरे अरखा गांव में रहने वाले रामफेर गौतम अपने घर के बाहर ही एक छोटी सी पान-गुटखे की दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। उस काली रात, गांव का ही दबंग मिजाज संतलाल वर्मा उर्फ ‘नान भइया’ दुकान पर धमक गया। उसने रामफेर से रसूख दिखाते हुए उधार में गुटखा देने को कहा। चूंकि संतलाल पर पहले का भी पैसा बकाया था, इसलिए रामफेर ने बेहद शालीनता से उधारी देने से मना कर दिया।
बस, यही इनकार सनकी संतलाल के अहंकार को चुभ गया। उस वक्त तो वह बड़बड़ाता हुआ चला गया, लेकिन उसके दिमाग में कत्ल का खूनी प्लान चल रहा था।
रात 10 बजे बरपाया सरिया से कहर
खून का प्यासा हो चुका संतलाल रात करीब दस बजे लोहे की भारी-भरकम सरिया लेकर वापस लौटा। जब रामफेर घर सो रहे थे, तभी संतलाल ने उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। वह तब तक रामफेर के सिर और बदन पर सरिया बरसाता रहा, जब तक कि उनकी सांसें नहीं थम गईं। चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन दौड़े, रामफेर तड़प-तड़पकर दम तोड़ चुके थे और कातिल मौके से फरार हो चुका था।
बेटे की जिद और पुलिस की तफ्तीश लाई रंग
इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में कोहराम मच गया था। मृतक के बेबस बेटे राम प्रकाश गौतम ने कलेजे पर पत्थर रखकर कातिल संतलाल के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा और पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
जज ने कहा- रहम की कोई गुंजाइश नहीं
शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट के सामने चश्मदीदों और वैज्ञानिक साक्ष्यों की वो मजबूत कड़ी पेश की, जिसे देखकर कातिल के वकील के पसीने छूट गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि संतलाल का अपराध माफी के लायक नहीं है। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास के साथ-साथ 2 लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने न्यायपालिका का आभार जताया।












































