बीते 5 साल में टीम इंडिया क्यों नहीं जीत पाई एक भी ICC ट्रॉफी?, रवि शास्त्री ने सचिन, सहवाग, युवराज का उदाहरण देकर समझाया

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का मानना है कि टीम इंडिया में ऐसे बल्लेबाजों की कमी है, जिनमें बैटिंग के साथ-साथ गेंदबाजी करने का भी कीड़ा हो. शास्त्री ने मौजूदा समय में टीम इंडिया की सबसे बड़ी मुश्किल पर बात करते हुए कहा कि पहले वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी थे, पिछले 3-4 साल में टीम इंडिया को ऐसे खिलाड़ियों की कमी खली है. शास्त्री 2017 से 2021 के बीच में टीम इंडिया के हेड कोच रहे हैं और बहुत करीब से टीम को समझा है.

रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का कारण बताया है. उन्होंने कहा है कि टीम में ऑलराउंडर की कमी थी, जिसकी वजह से टीम आईसीसी की ट्रॉफी नहीं जीत पाई. शास्त्री ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब वो टीम के कोच थे तब उन्हें टीम में ऐसे बल्लेलबाज चाहिए थे जो 4-5 ओवर गेंदबाजी कर सके. उन्होंने इस बारे चयनकर्ताओं को भी कहा कि देश में कुछ ऐसे भी बल्लेबाज होंगे जो गेंदबाजी करना पसंद करते होंगे.

शास्त्री ने सचिन का दिया उदाहरण
रवि शास्त्री ने सचिन तेंदुलकर का उदहारण देते हुए कहा कि उनके भीतर गेंदबाजी का कीड़ा था. आपने ये बात खुद भी देखी होगी. सचिन तेंदुलकर मैच के दौरान हमेशा कुछ ओवर गेंदबाजी करते थे. इतना ही नहीं वो गेंदबाजी में प्रयोग भी करते थे और विकेट भी निकालते थे. उन्होंने आगे कहा कि जब सचिन बल्लेबाजी कर लेते थे तब वो बोलते थे कि मुझे फर्क नहीं पड़ता, वह गेंद भी लेते थे और फिर लेग स्पिन, ऑफ स्पिन जैसी अलग-अलग गेंद भी फेंकते थे. तो यह कीड़ा होना चाहिए. रवि शास्त्री ने अजय जडेजा का भी उदहारण देते हुए कहा कि वो भी ऐसा कर लेते थे. पूर्व हेड कोच का यह भी कहना है कि देश में 1.4 विलियन लोग हैं, और चयनकर्ता उनसे कह रहे हैं कि यह कीड़ा किसी बल्लेबाज में नहीं है कि वह गेंदबाजी भी करे. कमाल है.

सहवाग, युवराज का दिया उदाहरण

रवि शास्त्री ने आगे कहा कि पहले सहवाग, सचिन, युवराज और रैना थे, लेकिन पिछले तीन-चार साल में ऐसा कोई नहीं रहा है जिसकी वजह से टीम का पूरा बैलेंस हिल गया है. ये बात बिल्कुल सही है कि कई सालों तक टीम इंडिया चार और पांच नंबर के लिए संघर्ष करती रही. युवराज सिंह की जगह आज तक कोई उनके जैसा बल्लेबाज नहीं आया जो किसी भी परिस्थिति में मैच निकालने की दम रखता हो. युवराज सिंह न केवल बल्लेबाजी बल्कि गेंदबाजी से भी हमेशा प्रभावित करते थे. 2011 विश्वकप को याद करिए, जब भी विरोधी टीम की पार्टनरशिप तोड़ने की बात आती थी तो युवराज सिंह के हाथों में गेंद थमाई जाती थी और वो विकेट निकाल देते थे.

अक्षर पटेल व दीपक हुड्डा की करी तारीफ

रवि शास्त्री ने कहा कि दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों को देखकर अच्छा लगता है जो ना सिर्फ गेंदबाजी कर सकते हैं बल्कि बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. शास्त्री से जब टीम में ऑलराउंडर्स की कमी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कप्तान और सिलेक्टर्स के बीच बेहतर कम्युनिकेशन बनाने की जरूरत है. चयनकर्ताओं को यह कहा जाए कि टीम में टॉप-6 में ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो टीम के लिए चार-पांच ओवर भी कर सकें. कप्तान कहे कि मुझे ऐसे चार-पांच खिलाड़ी चाहिए और आप डोमेस्टिक लेवल पर ऐसे खिलाड़ी खोजकर लाएं.

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