यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव और DGP की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, 8-10 जून को होगी परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी (कांस्टेबल) भर्ती परीक्षा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। 28.86 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के 75 जिलों में 1183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।

परीक्षा की तिथि और व्यापक पैमाना

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2024 को दो पालियों में होगी। पूरे प्रदेश में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया में अभिलेखीय रूप से सबसे अधिक 28.86 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का फैसला लिया है।

मुख्य सचिव का सख्त संदेश: कोई समझौता नहीं

मुख्य सचिव ने बैठक में साफ कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता पर किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। स्ट्रांग रूम में डबल लॉक सिस्टम, डबल गार्ड और सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।

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सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

– भर्ती बोर्ड सीसीटीवी लाइव फीड के माध्यम से पूरे राज्य से परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी करेगा।
– गोपनीय सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी पर होगी।
– परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी कार्मिकों का सत्यापन अनिवार्य है।
– ई-केवाईसी प्रक्रिया को हर हाल में लागू किया जाएगा।
– बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के लिए सख्त नियम

मुख्य सचिव ने निजी व्यक्तियों की नियुक्ति पर पूरी तरह रोक लगाते हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग और चेकिंग बेहद सख्त होगी। अभ्यर्थी केवल पेन, प्रवेश पत्र और आईडी कार्ड ही अपने साथ ले जा सकेंगे। मोबाइल, कैमरा, ब्लूटूथ डिवाइस आदि ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं

– 6 से 10 जून तक सभी परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
– अधिकांश कर्मचारियों के मोबाइल परीक्षा केंद्र के बाहर जमा करवाए जाएंगे।
– चेकिंग के बाद ही कर्मचारियों को प्रवेश दिया जाएगा।
– कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी रेंडमाइजेशन के आधार पर लगाई जाएगी।
– केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियमित निरीक्षण करेंगे।

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नियंत्रण कक्ष और आपात व्यवस्था

राज्य स्तर और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां से लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

अभ्यर्थियों की सुविधा पर भी ध्यान

परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, चिकित्सा सुविधाएं और एम्बुलेंस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

DGP राजीव कृष्ण का बयान

DGP राजीव कृष्ण ने कहा कि परीक्षा की सफलता सतर्कता, अनुशासन और टीम वर्क पर निर्भर करती है। सभी अधिकारियों को भर्ती बोर्ड के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा ट्रैफिक पुलिस तैनात रहेगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

यह बैठक यूपी पुलिस की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा को नकल-मुक्त, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाती है।

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