गोंडा : गोंडा जनपद में मेडिकल लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। यूथ फार्मासिस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने जिलाधिकारी को प्रेषित शिकायत पत्र में डीएलए पर औषधि अनुज्ञा आवेदन के निस्तारण में अनियमितता और कथित धन मांगने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता आलोक यादव ने बताया कि उन्होंने अपने प्रतिष्ठान मां शांति मेडिकल स्टोर के लिए औषधि अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु 8 अप्रैल को ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि 22 अप्रैल को आवेदन में संशोधन के लिए वापस किया गया, जबकि संशोधन की निर्धारित अवधि 60 दिन थी।
शिकायत के अनुसार, 22 मई को संशोधित आवेदन जमा करने के बावजूद 27 मई को इसे पुनः अस्वीकृत कर दिया गया, यह कहते हुए कि आवेदन संशोधन अवधि के बाद जमा किया गया था।
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शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यालय के एक नोटिस नंबर पर संपर्क करने के दौरान संबंधित व्यक्ति ने 30 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने गूगल पे के माध्यम से 10 हजार रुपये भेज दिए, लेकिन शेष 20 हजार रुपये न देने पर आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
यूथ फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने जिलाधिकारी से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो लाइसेंस प्रक्रिया में व्याप्त कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
इस मामले को लेकर स्वास्थ्य एवं औषधि विभाग में भी चर्चा हो रही है। शिकायत पत्र पर मौजूद यूथ फार्मासिस्ट फाउंडेशन के पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे, जिनमें महामंत्री राकेश शुक्ला, उपाध्यक्ष संजय अवस्थी, बृजेश शुक्ला, सनत कुमार पांडे, अंकित तिवारी, आलोक यादव और अन्य शामिल थे।











































