UP: सीतापुर के सर्राफा वेलफेयर एसोसिएशन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के हालिया बयान को लेकर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सर्राफा कारोबारियों की चिंताओं को सामने रखा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सोना और चांदी के लगातार बढ़ते दामों के बीच व्यापार पहले ही मंदी की मार झेल रहा है, ऐसे में लोगों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील व्यापारियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मनीष मिश्रा, कोषाध्यक्ष अनूप सोनी तथा वरिष्ठ व्यापारी चंद्रिका प्रसाद रस्तोगी के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहां उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सर्राफा व्यापार हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है और यदि सोने की खरीदारी लंबे समय तक प्रभावित होती है तो छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
व्यापारियों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी के दामों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकों की खरीदारी पहले ही कम हो चुकी है। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में भी बाजार में अपेक्षित रौनक देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे समय में यदि आम जनता सोना खरीदना बंद कर देती है तो व्यापार पूरी तरह ठप होने की स्थिति में पहुंच सकता है।
ज्ञापन में कहा गया कि सर्राफा व्यवसाय केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कारीगर, मजदूर, छोटे दुकानदार और उनके परिवार भी जुड़े हुए हैं। व्यापार प्रभावित होने से हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। व्यापारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सर्राफा बाजार में चिंता और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे बयान देने से पहले व्यापारियों की स्थिति पर भी विचार किया जाए।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में सर्राफा व्यापार का महत्वपूर्ण योगदान है। सोना भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी अहम हिस्सा रहा है। लोग विवाह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं। यदि लोगों को खरीदारी से रोका जाएगा तो इसका सीधा असर बाजार और व्यापारियों पर पड़ेगा।
व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से अपने बयान पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि वे देशहित में सरकार के साथ हैं, लेकिन व्यापारियों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में सर्राफा व्यापारी मौजूद रहे।















































