बिजली कटौती पर CM योगी ने जताई नराजगी, कहा- बिल नहीं भरने पर तुरंत लाइन काटना ठीक नहीं

भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में 24 घंटे बिजली देने का वायदा किया था, सत्ता में दोबारा वापसी के बाद अब योगी सरकार अपने वायदे को पूरा करने में जुट गई है. सोमवार को लोक भवन में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस बाबत दिशा निर्देश दिए हैं. उन्होंने बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों से नाराजगी दिखाई है. इस दौरान सीएम ने कहा कि बिल नहीं भरने पर तुरंत लाइन काटना ठीक नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि 24 घंटे बिजली देने हमारी प्राथमिकता होना चाहिए. वहीं अगर कहीं पर ट्रांसफार्मर में कोई दिकक्त हो या बिजली का तार टूट जाए तो ऐसी परिस्थिति में सामाधान तुरंत होना चाहिए.

सीएम योगी ने कहा कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कई क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतें मिल रही हैं. ऊर्जा विभाग व पॉवर कॉर्पोरेशन यह सुनिश्चित करे कि पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुरूप सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति हो. इसके लिए जो भी व्यवस्था करनी जरूरी हो,अविलंब की जाएं. व्यापक जनहित के इस विषय में यूपीपीसीएल की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

सीएम योगी ने कहा कि बीते 05 वर्ष में उत्तर प्रदेश का हर गांव नगर, मजरा बिजली से रोशन हुआ है. निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही है. हम पूरे प्रदेश में 24×7 आबाधित बिजली आपूर्ति के लिए संकल्पित हैं. नगरों में स्मार्ट मीटर लगाये जाने की कार्यवाही में तेजी अपेक्षित है. जिन घरों में अब भी बिजली कनेक्शन नहीं है उन्हें पात्रता के अनुसार सौभाग्य योजना अंतर्गत कनेक्शन दिया जाए. प्रदेश में हर गांव-हर घर बिजली का उजियारा होना चाहिए. ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत है.

बिजली आपूर्ति होती रहे इसके लिए बिल का भुगतान जरूरी है. बिजली का उपभोग करने वाले हर उपभोक्ता की यह ज़िम्मेदारी है कि वह समय से बिजली बिल का भुगतान करे. ऊर्जा विभाग/विद्युत निगमों को बिल के समयबद्ध संकलन के लिए ठोस प्रयास करना होगा. बकायेदारों से लगातार संपर्क करें, संवाद करें। गांवों में स्वयं सहायता समूहों/बीसी सखी के माध्यम से बिल संकलन के लिए विचार करें.

प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी उपभोक्ता को गलत बिजली बिल न मिले और सभी को समय से बिल मिल जाए. ओवरबिलिंग अथवा विलंब से बिल दिया जाना उपभोक्ता को परेशान तो करती ही है, व्यवस्था के प्रति निराश भी करती है और वह बिल जमा करने के प्रति उत्साहित नहीं होता. ऐसे में समय से बिल और सही बिल दिया जाना सुनिश्चित करें. इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है.

तेज गर्मी/लू का मौसम चल रहा है. ऐसे में गांव हो या शहर, कहीं भी अनावश्यक बिजली कटौती न हो. जरूरत हो तो अतरिक्त बिजली खरीदने की व्यवस्था करें. ट्रांसफार्मर जलने/तार गिरने जैसी समस्याओं का बिना विलंब निस्तारण किया जाए. बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध पूरी सख्ती से नियमानुकूल कार्रवाई की जाए. स्लाइन लॉस को न्यूनतम रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं. बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान की योजना लागू की जानी चाहिए.

बिजली उत्पादन के लिए कोयले की उपलब्धता सतत बनाये रखी जाए. अभी हमारे पास कोयले की कमी नहीं है, किंतु मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति सुगम बनी रहे, इसके लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखें. बिजली के झूलते लटकते तार/बिजली तारों का संजाल न केवल शहर की सुंदरता खराब करते हैं, आए दिन दुर्घटना के कारक भी बनते हैं. बिजली तारों के भूमिगत किए जाने का काम चरणबद्ध रूप से किया जा रहा है, किंतु इसमें और तेजी की जरूरत है.

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