नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच काफी गर्मजोशी देखी गई। दोनों नेता नजदीक बैठे और मुलाकात के बाद अलग से भी चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति और सीट शेयरिंग पर विस्तार से बातचीत हुई।
राहुल-अखिलेश की केमिस्ट्री
बैठक में राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच दिखी निकटता ने सियासी संकेत दिए। अखिलेश यादव पहले भी यूपी में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके हैं। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने अलग से मुलाकात की और यूपी में आगे की तैयारियों पर चर्चा की।
राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति बनने की दिशा में प्रगति हो रही है।
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लोकसभा चुनाव का अनुभव
लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़ा झटका दिया था। इस बार यूपी में INDIA गठबंधन भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने की पूरी तैयारी कर रहा है। अखिलेश यादव और राहुल गांधी की इस मुलाकात को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खरगे का बयान
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत है। उन्होंने कहा, “हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।” खरगे ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताया और परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर केंद्र सरकार को घेरा।
INDIA ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। खरगे ने कहा कि मॉनसून सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
बैठक के 5 बड़े फैसले
1. महंगाई और बेरोजगारी :देशभर में इन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
2. नीट पेपर लीक : परीक्षा घोटालों पर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।
3. न्यायपालिका से अपील : मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
4.बैठकों का कार्यक्रम : INDIA ब्लॉक की बैठक अब हर दो महीने में होगी। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित होगी।
5. मॉनसून सत्र रणनीति : संसद के मॉनसून सत्र में सभी विपक्षी दल भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाएंगे।
बैठक में करीब 25 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया। गठबंधन ने फैसला किया है कि जनता के मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक लगातार उठाया जाएगा।













































