गाज़ीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र के रामपुर बनतरा गांव में हाकिम यादव की मौत के बाद उनके नाम पर 18 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया गया। हाकिम यादव की मृत्यु 2 जुलाई 2017 को हुई थी, लेकिन पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की मुख्य शाखा ने 1 मार्च 2018 को उनके नाम से यह ऋण मंजूर कर दिया। आश्चर्य की बात यह है कि इस लोन की गारंटी उनके बेटे शिव शंकर यादव को बनाई गई थी, जबकि उस समय वह दुबई में थे।
गारंटी में फर्जी हस्ताक्षर
बैंक द्वारा स्वीकृत इस लोन में मृतक के बेटे शिव शंकर यादव का फर्जी हस्ताक्षर किया गया। शिव शंकर यादव का कहना है कि वे 6 अप्रैल 2017 को शारजाह, दुबई चले गए थे। उनके अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पिता के नाम से लोन लेकर फर्जी तरीके से उनके हस्ताक्षर को गारंटी के तौर पर प्रस्तुत किया और कई वर्षों तक खाते का संचालन किया गया।
आरबीआई ने बैंक का लाइसेंस रद्द किया
पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जो गाज़ीपुर में संचालित हो रहा था, पर पहले भी आरोप थे कि इसने आम लोगों की करीब 40 करोड़ रुपए की जमा राशि के साथ गड़बड़ी की। इसी कारण 2024 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। बैंक की इस गड़बड़ी के कारण आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
खुलासा पंजीकृत डाक के माध्यम से
यह मामला तब सामने आया जब शिव शंकर यादव के घर पंजीकृत डाक के माध्यम से पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, गाज़ीपुर ने नोटिस भेजा। नोटिस में बताया गया कि हाकिम यादव के नाम से 18 लाख रुपए का कर्ज लिया गया है, जो अब तक जमा नहीं किया गया है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की
शिव शंकर यादव ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक गाज़ीपुर, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश सहित कई अधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।









































