UP: लखनऊ (Lucknow) में चाइनीज मांझा के खतरे को खत्म करने के लिए पुलिस ने एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 11,899 दुकानों की जांच की गई, 117 गोदामों की चेकिंग हुई और भारी मात्रा में चाइनीज, सिंथेटिक तथा नायलॉन मांझा बरामद किया गया। अभियान में 14 अभियोग पंजीकृत हुए और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसका निर्माण, भंडारण और बिक्री दंडनीय अपराध है। यह मांझा दोपहिया चालकों के लिए जानलेवा और बच्चों-पक्षियों के लिए घातक साबित हो रहा है।
एक सप्ताह चला विशेष अभियान
लखनऊ पुलिस ने चाइनीज मांझा के खिलाफ सात दिन तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर भर में छापेमारी की गई। पुलिस ने 11,899 दुकानों और 117 गोदामों की जांच की। अभियान का उद्देश्य बाजार से खतरनाक मांझा पूरी तरह खत्म करना था। जांच में चाइनीज, सिंथेटिक और नायलॉन मांझे की भारी मात्रा बरामद हुई। पुलिस ने इसे जब्त कर नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
14 मुकदमे और 13 गिरफ्तारियां
अभियान के दौरान 14 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से ज्यादातर मामलों में चाइनीज मांझा बेचने, भंडारण करने और सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दुकानदार, गोदाम मालिक और सप्लायर शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि जांच में कई बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिनसे मांझा शहर में पहुंचाया जा रहा था।
क्यों है चाइनीज मांझा खतरनाक?
पुलिस ने बताया कि चाइनीज मांझा कांच के टुकड़ों और धातु के पाउडर से बनता है, जिसकी धार इतनी तेज होती है कि यह गर्दन काट सकती है। पिछले कुछ महीनों में लखनऊ में कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें दोपहिया चालकों की मौत हुई और कई पक्षी घायल हुए। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इसका निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल दंडनीय अपराध है।
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आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भी छापेमारी जारी रहेगी। शहर के बाजारों और गोदामों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि चाइनीज मांझा बिकते देखने पर तुरंत सूचना दें। साथ ही सुरक्षित कपास या नायलॉन मांझे का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी है।









































