UP: द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) हिंदू नववर्ष के अवसर पर आज अयोध्या (Ayodhya) स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी। शुभ अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:55 बजे) में वे श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजा करेंगी। इस आयोजन में देश-विदेश से लगभग सात हजार अतिथि भाग ले रहे हैं, जिससे समारोह की भव्यता और भी बढ़ गई है।
चार घंटे का दौरा और कड़ी व्यवस्थाएं
राष्ट्रपति सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से सीधे मंदिर परिसर जाएंगी। उनका यह दौरा लगभग चार घंटे का निर्धारित है। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ, आनंदीबेन पटेल सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। सुरक्षा और यातायात को देखते हुए शाम पांच बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
150 किलो के स्वर्णमंडित यंत्र की स्थापना
मंदिर के दूसरे तल पर लगभग 150 किलोग्राम वजनी स्वर्णमंडित श्रीराम यंत्र की स्थापना की जाएगी। इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान के लिए पिछले कई दिनों से धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। संत-महंतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, जो इसे ऐतिहासिक महत्व प्रदान करता है।
दर्शन, पूजन और सामाजिक संदेश
यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति श्रीराम परिवार के दर्शन-पूजन करेंगी। इसके साथ ही वे महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज से जुड़े मंदिरों में भी जाएंगी। यह यात्रा समाज के सभी वर्गों के सम्मान और समावेश का प्रतीक मानी जा रही है। संभावना है कि वे मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों से भी संवाद करेंगी, जिससे उनके योगदान को सराहा जा सके।
श्रीराम यंत्र मर्यादा, धर्म और शक्ति का प्रतीक
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार श्रीराम यंत्र मर्यादा, धर्म और शक्ति का प्रतीक है। इसकी स्थापना के बाद मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र के रूप में देखा जाएगा। वैदिक और तांत्रिक परंपराओं से जुड़े यंत्र, विशेष ज्यामितीय संरचना और मंत्रोच्चार के माध्यम से स्थापित किए जाते हैं, जो वातावरण में सकारात्मकता और शुद्धता लाने का कार्य करते हैं। इससे श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की अनुभूति होने की मान्यता है।















































