‘राम मंदिर अब भारत का ‘राष्ट्र मंदिर…’, अयोध्या में श्रीराम यंत्र स्थापना कार्यक्रम में बोले CM योगी

UP: चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन गुरुवार को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना की गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख संत, धार्मिक नेता और श्रद्धालु शामिल हुए।

मुख्यमंत्री का संबोधन और नवसंवत्सर की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की बधाई देकर की। उन्होंने सरयू नदी की पवित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या धाम का आध्यात्मिक महत्व सदियों से बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर जहां अशांति और संघर्ष का माहौल है, वहीं अयोध्या में रामराज्य की अनुभूति की जा रही है। संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कहा की राम मंदिर अब भारत का ‘राष्ट्र मंदिर है।

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आस्था और वर्तमान पीढ़ी पर जोर

मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की सोच की सराहना करते हुए कहा कि अब लोग नववर्ष को धार्मिक और पारिवारिक तरीके से मनाना पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मंदिरों की ओर रुख कर रही है और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रही है। यह बदलाव भारत की आस्था और परंपरा को मजबूत करने वाला है।

विपक्ष पर निशाना और आस्था का उल्लेख

योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले धार्मिक आस्था को अंधविश्वास कहकर उसका अपमान किया जाता था। उन्होंने कहा कि जो लोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सवाल उठाते थे, वही अन्य मान्यताओं को नजरअंदाज करते रहे। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताते हुए इसे आस्था की जीत बताया।

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पर्यटन, विकास और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन जैसे स्थानों पर भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले संतों, कारीगरों और बलिदानी रामभक्तों को नमन किया।

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