हाल ही में पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलूच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में बलूच ने दावा किया कि पाकिस्तान में कोई भी पूरी तरह से विषमलैंगिक (Straight) नहीं है। उनका मानना है कि देश की अधिकांश आबादी या तो समलैंगिक (Gay) है या बायसेक्सुअल (Bisexual)। बलूच के अनुसार, सामाजिक दबाव और पारिवारिक सम्मान की वजह से लोग अपनी असली कामुकता छुपाते हैं।
‘खुला रहस्य’ और आंकड़ों का दावा
एक इंटरव्यू में बलूच ने कहा कि पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी वास्तव में गे है, और बाकी 20 प्रतिशत बायसेक्सुअल हैं। उनका कहना है कि कामुकता के मामले में पाकिस्तान में कोई भी पूर्ण रूप से स्ट्रेट नहीं है। उन्होंने इसे समाज का ‘खुला रहस्य’ बताया, जिसे लोग सिर्फ सार्वजनिक तौर पर स्वीकार नहीं करते।
धर्म और संस्कृति की आड़
बलूच का मानना है कि कई लोग अपनी यौन पहचान को दबाते हैं या इससे इनकार करते हैं। उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें हमेशा यह चिंता रहती थी कि वे कैसे महिलाओं जैसे कपड़े पहनें और लिपस्टिक लगाएं, ताकि परिवार से गाली-गलौज या हिंसा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि धर्म और सांस्कृतिक मान्यताओं का हवाला अक्सर यौन पहचान छुपाने के लिए दिया जाता है।
ट्रांसजेंडर समुदाय की चुनौतियां
बलूच ने पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा झेली जाने वाली सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई ट्रांसजेंडर को मजबूरन भीख मांगने, शादी समारोहों में नाचने या सेक्स वर्क जैसी सीमित और शोषणकारी गतिविधियों में लगाया जाता है। इन बंधनों को चुनौती देते हुए, बलूच ने जेंडर और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया और ‘सिंध मूरत मार्च’ की सह-संस्थापक बनीं।
हिंसा और पाकिस्तान छोड़ने का फैसला
बलूच ने कहा कि प्राइड फ्लैग फहराने पर उन्हें हिंसक प्रतिशोध का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने कथित अपहरण और दुर्व्यवहार की घटनाओं का भी अनुभव किया। इन खतरनाक परिस्थितियों के कारण उन्होंने अंततः पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया। बाद में, उन्होंने लंदन के SOAS विश्वविद्यालय में स्कॉलरशिप प्राप्त की और यूनाइटेड किंगडम में सुरक्षा के लिए शरणार्थी का दर्जा मांगा।
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