लखनऊ (Lucknow) में कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने मामले की फाइल को चीफ जस्टिस के पास भेजते हुए नई बेंच गठित करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया टिप्पणियों से नाराजगी बनी वजह

जस्टिस विद्यार्थी ने यह फैसला याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए लिया। कोर्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके साथ अनुचित व्यवहार हुआ है, जिससे वे इस मामले की सुनवाई जारी नहीं रख सकते। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा की, याचिकाकर्ता ने राजनीतिक फायदे के लिए अदालत का इस्तेमाल किया है।
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याचिकाकर्ता के विवादित पोस्ट चर्चा में
बीजेपी नेता और याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने 18 अप्रैल को X पर दो पोस्ट साझा किए थे। एक पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर इंटरसेप्ट की गई कॉल को सार्वजनिक करने की चेतावनी दी और संबंधित लोगों को रकम लौटाने की बात कही। दूसरे पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि वे इस मामले से जुड़े कथित अवैध गठजोड़ों, माफिया और सिंडिकेट का खुलासा करेंगे।
अब चीफ जस्टिस करेंगे अगली सुनवाई का फैसला
जस्टिस विद्यार्थी के इस निर्णय के बाद अब यह मामला चीफ जस्टिस के पास पहुंच गया है, जो नई बेंच का गठन करेंगे। इससे इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की सुनवाई नए सिरे से तय होगी।












































