लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया, खुद डिजिटल माध्यम से दर्ज की जानकारी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को जन भवन से जनगणना 2027 की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत जानकारी खुद दर्ज की और आम नागरिकों को भी ऑनलाइन स्व-गणना में भाग लेने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण अभियान है। स्व-गणना प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उन्होंने जन भवन से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना अभियान की शुरुआत की।

कार्यक्रम में राज्यपाल के ओएसडी आईएएस सुधीर महादेव बोबड़े, जनगणना निदेशक आईएएस शीतल वर्मा, लखनऊ कमिश्नर आईएएस विजय विश्वास पंत, जिलाधिकारी आईएएस विशाख जी और नगर आयुक्त आईएएस गौरव कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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आईएएस शीतल वर्मा ने कार्यक्रम में जनगणना 2027 की तैयारियों, स्व-गणना पोर्टल के उपयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक अब मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे गणना प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और तेज होगी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्व-गणना प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए कहा कि हर नागरिक को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सही आंकड़े ही बेहतर नीति निर्माण और विकास कार्यों का आधार बनते हैं।

जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें स्व-गणना, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सैटेलाइट इमेजरी जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। लखनऊ में शुरू हुए इस अभियान को पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

इस मौके पर उपस्थित सभी अधिकारियों ने राज्यपाल के नेतृत्व में जनगणना की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में भी इस अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा।

जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही देशभर में गणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह अभियान आर्थिक, सामाजिक और जनसांख्यिकीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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