फर्रुखाबाद । हरियाणा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले जालौन में तैनात दारोगा सत्यवान सिंह का गुरुवार को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर पूरे राजकीय एवं पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे मंजीत सिंह ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
कादरी गेट थाना क्षेत्र के विकास नगर निवासी सत्यवान सिंह की मंगलवार को हरियाणा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद जब उनका पार्थिव शरीर पुलिस टीम के साथ फर्रुखाबाद स्थित आवास पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। घर के बाहर बड़ी संख्या में रिश्तेदार, पड़ोसी और परिचित अंतिम दर्शन के लिए जुट गए।
मोहल्ले की गली संकरी होने की वजह से पुलिस वाहन घर तक नहीं पहुंच सका, जिसके चलते पुलिसकर्मियों ने पार्थिव शरीर को स्ट्रेचर के जरिए घर तक पहुंचाया। जैसे ही शव घर पहुंचा, पत्नी, बेटियां और बेटों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का विलाप देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पांचाल घाट ले जाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सीओ सिटी अभय वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और दिवंगत दारोगा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
परिजनों के मुताबिक सत्यवान सिंह मूल रूप से कासगंज जनपद के निवासी थे, लेकिन पिछले करीब 17 वर्षों से अपने परिवार के साथ फर्रुखाबाद में रह रहे थे। करीब एक वर्ष पहले ही उनका प्रमोशन दारोगा पद पर हुआ था।
वह अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस हादसे के बाद पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।








































