प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से आर्थिक और संसाधन बचत को लेकर कई अहम अपीलें कीं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी ईरान युद्ध का असर तेल की कीमतों और जरूरी वस्तुओं पर पड़ रहा है, इसलिए नागरिकों को फिलहाल सोने की खरीदारी टालने, विदेश यात्राएं कम करने और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने जैसे कदम उठाने चाहिए। पीएम ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो का अधिक इस्तेमाल समय की जरूरत है।
दुनियाभर में आज जो चुनौतियां आई हैं, हमें उन्हें परास्त करना होगा। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जो भी रास्ते अपना सकते हैं, हमें उन्हें अपनाना होगा। pic.twitter.com/vyNUQNzFLF
— Narendra Modi (@narendramodi) May 10, 2026
वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसे तरीकों का जिक्र करते हुए कंपनियों से फिर से इन्हें प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे ईंधन की बचत होगी और अनावश्यक यात्रा कम की जा सकेगी। मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि आर्थिक दबाव को कम किया जा सके।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 11, 2026
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
खाद सब्सिडी और बढ़ती महंगाई का मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में खाद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में उर्वरक की एक बोरी करीब तीन हजार रुपये में बिक रही है, जबकि भारत सरकार किसानों को वही बोरी लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। पीएम ने इसे किसानों के हित में सरकार की बड़ी सहायता बताया। वहीं विपक्ष का कहना है कि महंगाई और आर्थिक दबाव की असली जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए, न कि उसका बोझ आम जनता पर डालना चाहिए।













































