गोरखपुर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास को शीघ्र विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर उसका संचालन प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को विकास भवन स्थित समाज कल्याण अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने चार सूत्रीय ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा और छात्रहितों से जुड़े इस मुद्दों पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभाविप के कार्यकर्ताओं ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में यूपीसीएलडीएफ द्वारा छात्राओं के लिए 100 बेड का अनुसूचित जनजाति छात्रावास निर्मित कराया गया है, किंतु निर्माण पूर्ण होने के बावजूद आज तक छात्रावास छात्राओं को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कुछ संरचनात्मक एवं तकनीकी कमियों का हवाला देते हुए छात्रावास का हस्तांतरण लेने से इंकार किया गया, जिसके चलते विभिन्न विभागों के बीच पत्राचार एवं प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित है।
इस प्रकार की विभागीय उदासीनता एवं प्रशासनिक शिथिलता का सीधा दुष्प्रभाव गरीब, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। एक ओर छात्राएं आवास की गंभीर समस्या से जूझ रही हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रावास पूर्ण रूप से तैयार होने के बावजूद बंद पड़ा हुआ है, जो प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने मांग की कि छात्रावास की समस्त कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर कर तत्काल विश्वविद्यालय को हस्तांतरित किया जाए तथा छात्राओं के प्रवेश एवं आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि जरूरतमंद छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
अभाविप गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई मंत्री अरविंद मिश्रा ने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास के हस्तांतरण एवं संचालन में हो रही अनावश्यक देरी छात्रहितों के साथ अन्याय है। यदि प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो विद्यार्थी परिषद छात्रहितों की रक्षा हेतु आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।









































