UP: सहारनपुर जनपद में एक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पहुंचीं कैराना सांसद इकरा हसन और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हो गया। सांसद महिला के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं, जहां मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत की गई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
डीआईजी कार्यालय में हुई तीखी बहस
सांसद इकरा हसन ने बताया कि जसाला गांव की महिला अपने मामले में कार्रवाई की मांग लेकर अधिकारियों से मिलने आई थी। उनका कहना है कि डीआईजी ने बातचीत तो की, लेकिन पीड़िता की मांगों को स्वीकार नहीं किया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और पीड़ित महिला भावुक हो गई। सांसद ने भी अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।
सड़क जाम के आरोप में पुलिस कार्रवाई
इकरा हसन का आरोप है कि बातचीत के बाद पुलिस को बुलाया गया और उन पर सड़क जाम करने का आरोप लगाते हुए हिरासत में ले लिया गया। महिला थाना पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई, जहां कुछ समय तक बैठाकर रखा गया। इस कार्रवाई के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सांसद ने प्रशासन पर पीड़ित महिला की शिकायत को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची महिला को राहत देने के बजाय पुलिस और प्रशासन की ओर से दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि पीड़िता की आवाज सुनने के बजाय उसे परेशान किया जा रहा है।
संसद में मुद्दा उठाने पर कही यह बात
जब सांसद से पूछा गया कि क्या वह इस पूरे मामले को संसद में उठाएंगी, तो उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता। उन्होंने संकेत दिए कि यदि पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रह सकता है।











































