अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पहली बार लखनऊ के दो दिवसीय दौरे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके दौरे पर तंज कसते हुए सवाल किया कि अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार लखनऊ आए हैं, तो क्या वह अयोध्या जाकर ‘दर्शन’ नहीं करेंगे? माना जा रहा है कि यह टिप्पणी अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों से जोड़ के की गई। वही अब अखिलेश के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया।
अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आएं हैं, ‘दर्शन’ करने नहीं जाएंगे?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 5, 2026
संगठन को मजबूत करने पर रहा फोकस
नितिन नवीन का लखनऊ दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक गतिविधियों पर केंद्रित रहा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों में हिस्सा लिया। बैठकों में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
विपक्ष पर साधा निशाना, सपा-कांग्रेस पर हमला
लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी की राजनीति भी जनता के बीच अपना प्रभाव खो रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे और इस बार “साइकिल पंचर नहीं, बल्कि कबाड़ में जाएगी।” साथ ही विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
‘राष्ट्र प्रथम’ और विकास की राजनीति पर जोर
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को भाजपा की कार्यशैली का आधार बताया। उनके अनुसार पार्टी किसी व्यक्ति को उसकी जाति या वर्ग से नहीं, बल्कि देश के नागरिक के रूप में देखती है और सभी के विकास व सम्मान के लिए समान रूप से कार्य करती है।
Also Read: ‘BJP में अब करंट नहीं रहा…’, बिजली कटौती पर अखिलेश यादव का UP सरकार पर हमला
2027 चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
अपने संबोधन के अंत में नितिन नवीन ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य हर बूथ पर कमल खिलाना है और शक्ति केंद्रों के संयोजकों की मेहनत इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और संगठन की मजबूती के दम पर भाजपा एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाने में सफल होगी, चाहे विपक्ष कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.












































