UP: उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भाजपा शासन में हालात ऐसे हो गए हैं कि बिजली सब-स्टेशनों की सुरक्षा के लिए पीएसी तैनात करनी पड़ रही है, जबकि विधायक और सांसद जनता के गुस्से से बचने के लिए अपनी ही सरकार को पत्र लिख रहे हैं।
योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार
दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने बिजली व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जो लोग आज बिजली संकट पर सवाल उठा रहे हैं, उनके शासनकाल में प्रदेश की स्थिति और खराब थी। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि उस दौर में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे और सप्ताह के हिसाब से बिजली मिलती थी।
‘जनता भाजपा को धो-पटककर सुखा देगी’
अगले चुनाव में जनता भाजपा को अच्छे से धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी।
शुक्र है उप्र के ‘असफल मुख्यमंत्री’ जी ने ये नहीं कहा कि इस ‘महा विद्युत आपदा’ के पीछे दिल्लीवालों के भेजे हुए दूत की साज़िश है। ये स्पष्ट किया जाए कि मुख्यमंत्री जी की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री जी आते…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 27, 2026
मुख्यमंत्री के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी चुनाव में जनता भाजपा को ‘धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी।’ उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि अच्छा हुआ मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि प्रदेश में पैदा हुआ बिजली संकट किसी बाहरी साजिश का हिस्सा है। सपा प्रमुख ने बिजली मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री शामिल होते हैं या नहीं।
बिजली मंत्री को लेकर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के रिश्तों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर बिजली मंत्री बैठकों में आते हैं तो मुख्यमंत्री उनके साथ तस्वीर साझा करें, ताकि जनता को ‘आपसी गर्मी’ से थोड़ी राहत मिल सके। सपा प्रमुख ने भाजपा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि अब पार्टी में ‘करंट’ नहीं बचा है और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
सरकार ने तकनीकी खामी बताई वजह
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट को तकनीकी समस्या का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ पावर स्टेशनों पर तकनीकी कारणों से शटडाउन होने के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को उत्पादन व वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि जल्द ही बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।













































