UP: मुजफ्फरनगर जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव में रविवार को कथित धर्म परिवर्तन की सूचना मिलने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सात पुरुषों और पांच महिलाओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से तीन बाइबल और कुछ पहचान पत्र (आई-कार्ड) भी बरामद किए हैं तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बजरंग दल ने लगाया प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी ने आरोप लगाया कि जड़ौदा गांव में राशिद नामक व्यक्ति के गोदाम में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित रूप से प्रेरित किया जा रहा था। उनका दावा है कि लोगों को मुफ्त इलाज, नकद धनराशि और अन्य सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में करीब 200 लोग मौजूद थे और मुख्य आरोपी राशिद सहित अन्य लोग इस गतिविधि में शामिल थे।
14 नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
बजरंग दल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने राशिद, मनीष, संजीव, संगीता, पूजा, मोनू, आशु, चांदनी, सरिता, अमरीश, कार्तिक, कनक, शीशपाल और प्रवीण समेत 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
रवि चौधरी ने कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं के माध्यम से कथित धर्म परिवर्तन की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को 50 से 60 हजार रुपये देने तथा इलाज कराने का आश्वासन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी बोले- आरोपों की जांच जारी, गिरफ्तारी होगी
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जड़ौदा गांव में टेंट लगाकर संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कुछ लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में कई लोगों के नाम सामने आए हैं और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।













































