अमेठी : अमेठी में 12 जुलाई को एक पेड़ मां के नाम थीम पर वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा. जिले को 53 लाख 66 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है. लक्ष्य को पूरा करने के लिए वन विभाग के अलावा अन्य विभाग में जुटे हुए है।वृक्षारोपण की मॉनिटरिंग के लिए प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. पौधे लगाने के लिए विभागों द्वारा चयनीत स्थलों पर खुदाई का काम युध्दस्तर पर जारी है और अब तक 27 लाख से अधिक गड्ढे खोदे जा चुके है.
वृहद वृक्षारोपण को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पौधारोपण सुनिश्चित करना होगा. इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जनांदोलन का स्वरुप दिया जाएगा.
प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर 12 जुलाई 2026 को वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया जाएगा. शासन द्वारा जनपद अमेठी को वर्षाकाल 2026 के दौरान 53 लाख 66 हजार 100 पौधे रोपित करने का लक्ष्य आवंटित किया गया है. इसमें वन विभाग को 26 लाख 93 हजार पौधे तथा अन्य विभागों को 26 लाख 73 हजार 100 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है.
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून 2026) के अवसर पर जनपद में 5 लाख 39 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं. शेष 48 लाख 27 हजार 100 पौधों का रोपण वन महोत्सव सप्ताह (01 से 07 जुलाई), 12 जुलाई के वृहद वृक्षारोपण अभियान तथा अन्य कार्यक्रमों के दौरान किया जाएगा.
डीएफओ ने विभागवार लक्ष्य की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम्य विकास विभाग को 14,29,300, कृषि विभाग को 3,26,000, पर्यावरण विभाग को 3,05,000, उद्यान विभाग को 2,05,000, पंचायती राज विभाग को 1,48,000, राजस्व विभाग को 82,500, उच्च शिक्षा विभाग को 17,300, स्वास्थ्य विभाग को 14,000, बेसिक शिक्षा विभाग को 12,000, माध्यमिक शिक्षा विभाग को 11,500, लोक निर्माण विभाग को 11,900, पशुपालन विभाग को 9,900, सिंचाई विभाग को 8,900, उद्योग विभाग को 7,000, विद्युत विभाग को 6,500, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को 6,000, सहकारिता विभाग को 5,600, पुलिस विभाग को 5,040 सहित अन्य विभागों को भी लक्ष्य आवंटित किए गए हैं. सभी विभागों द्वारा पौधारोपण स्थलों का चयन कर गड्ढा खुदाई का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है. वर्तमान में संबंधित विभागों द्वारा पौधशालाओं से पौधों का उठान कराया जा रहा है, ताकि निर्धारित तिथि तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण की जा सकें.
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में वन विभाग द्वारा संचालित 29 पौधशालाओं में विभिन्न प्रजातियों के 81.90 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें इमारती एवं औद्योगिक प्रजातियों के 48.87 लाख, फलदार प्रजातियों के 18.70 लाख, शोभाकार प्रजातियों के 7.55 लाख, औषधीय एवं सुगंधित प्रजातियों के 3.97 लाख, चारा पत्ती प्रजातियों के 2.25 लाख तथा पर्यावरणीय प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं.
प्रमुख प्रजातियों में सागौन, शीशम, नीम, पीपल, पाकड़, बरगद, आम, अमरूद, आंवला, जामुन, महुआ, सहजन, कदंब, अर्जुन, खैर सहित अन्य पौधे शामिल हैं. इसके अतिरिक्त जनपद में उद्यान विभाग की एक तथा 17 निजी पौधशालाएं भी संचालित हैं.
उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को आयोजित होने वाले अभियान के लिए वन विभाग द्वारा 221 स्थलों पर 26.93 लाख गड्ढों तथा अन्य विभागों द्वारा 3,790 स्थलों पर 26.73 लाख गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा किया जा चुका है. वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है.















































