UP: शिक्षा और स्वास्थ्य को एक साथ मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को मथुरा में बड़ा कदम उठाया। डेमपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के शुभारंभ एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए इस आयोजन में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अब इलाज के लिए नहीं करनी होगी आर्थिक चिंता
अपने संबोधन में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र की नींव तैयार करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और उनके आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे उपचार के दौरान शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा और अस्पताल का भुगतान सीधे सरकार करेगी।
प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत, डीबीटी से पहुंची सहायता
मंत्री ने कहा कि पहले इलाज के बाद मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति के लिए शिक्षकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से बीमारी, मातृत्व अवकाश और अन्य मदों से संबंधित आर्थिक सहायता भी लाभार्थी शिक्षकों के बैंक खातों में भेजी गई। प्रतीकात्मक रूप से राशि हस्तांतरित किए जाने पर शिक्षकों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे समय पर मिली महत्वपूर्ण मदद बताया।
ई-कार्ड, पोर्टल और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में अधिकारियों ने योजना के संचालन, पात्रता, सूचीबद्ध अस्पतालों और हेल्पलाइन सुविधा की विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों को योजना से संबंधित ई-कार्ड और पंजीकरण पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई। तकनीकी टीम ने लाइव डेमो के माध्यम से बताया कि मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल की मदद से अस्पताल में कैसे डिजिटल सत्यापन कराकर कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस योजना को शिक्षकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
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स्वस्थ शिक्षक से ही बनेगा मजबूत भविष्य
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि जब शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होंगे तो वे पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दे सकेंगे। मथुरा से शुरू हुआ यह कार्यक्रम प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत और भरोसे का नया संदेश लेकर आया है।
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