गोंडा: युवक विनोद साहनी की निर्मम हत्या के विरोध में यूपी सरकार में मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद शुक्रवार को धरने पर बैठ गए। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाल टोपी और झंडों के साथ प्रदर्शन कर घटना पर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई। संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि युवक की निर्मम हत्या बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक युवक ने हत्या से पहले पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन उसे सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने मांग की कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने संबंधित पुलिस चौकी पर तैनात उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिनके सामने मृतक ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। संजय निषाद ने कहा कि यदि समय रहते युवक को सुरक्षा मिल जाती तो शायद इस घटना को टाला जा सकता था।
उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।प्रदर्शन के दौरान संजय निषाद ने निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2016 को निषाद समाज को एससी/एसटी के दायरे से हटाए जाने के बाद से समाज अपने अधिकारों की मांग कर रहा है। उन्होंने निषाद समाज को दोबारा एससी/एसटी के दायरे में शामिल करने की मांग की।संजय निषाद ने कहा कि यदि निषाद समाज को आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त होता तो शायद उनके कार्यकर्ता की हत्या नहीं होती।
उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी ही सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं और न्याय मांगना उनका अधिकार है।उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संजय निषाद ने जल्द ही मृतक के परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाने की बात कही। अब उनके प्रदर्शन और उठाई गई मांगों के बाद पुलिस-प्रशासन तथा सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



















































