फर्रुखाबाद : शहर के लकूला विद्युत उपकेंद्र से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रिवैंप योजना के तहत बिजली लाइनों से उतारकर उपकेंद्र के स्टोर में रखा गया भारी मात्रा में कॉपर (तांबा) का तार रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया। मामले में उपकेंद्र पर तैनात कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों पर चोरी का संदेह जताया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, करीब छह माह पूर्व मोहल्ला लिंगीगंज क्षेत्र में रिवैंप योजना के तहत पुराने कॉपर तार हटाकर उनकी जगह बंच केबल डाली गई थी। कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने निकाले गए कॉपर तार को लकूला उपकेंद्र के स्टोर में सुरक्षित रखवा दिया था। विभागीय स्तर पर इस तार को समय रहते मुख्य स्टोर में जमा नहीं कराया गया, जिससे वह लंबे समय तक उपकेंद्र के स्टोर में ही पड़ा रहा।
बताया जा रहा है कि उपकेंद्र के स्टोर की चाबी अवर अभियंता (जेई) के साथ-साथ कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों के पास भी रहती थी। बीती 1 जुलाई को बारिश के दौरान उपकेंद्र का करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) खराब हो गया। उसे सुरक्षित रखने के लिए जब जेई अजय कुमार स्टोर पहुंचे और ताला खोला, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। लगभग 50 किलो कॉपर तार में से केवल 10 से 12 किलो तार ही स्टोर में मिला, जबकि बाकी तार गायब था।
घटना सामने आने के बाद उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी भी कर्मचारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
अवर अभियंता अजय सिंह ने बताया कि स्टोर से कॉपर तार गायब होने के संबंध में कादरी गेट थाने में तहरीर दे दी गई है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है और गायब तार वापस कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी।
इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और स्टोर प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सामग्री का उचित रखरखाव और निगरानी की जाती, तो संभवतः इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर तार गायब होने की नौबत नहीं आती। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।











































