यूपी में आर्थिक रफ्तार तेज, अप्रैल में सरकार को मिले 2416 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व; जीएसटी और आबकारी में रिकॉर्ड उछाल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने का असर सरकारी खजाने पर साफ दिख रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अप्रैल 2026 के राजस्व आंकड़े जारी करते हुए बताया कि अप्रैल माह में सरकार को पिछले साल की तुलना में 2416 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। कुल कर राजस्व 20,621 करोड़ रुपये पहुंच गया।

सबसे ज्यादा उछाल जीएसटी संग्रह में देखने को मिला। अप्रैल में जीएसटी से सरकार की कमाई में 839 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। शराब की बिक्री बढ़ने से आबकारी विभाग का राजस्व भी चमका और इस मद से 931 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए। इसके अलावा स्टांप एवं पंजीयन विभाग से 141 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग से 273 करोड़ रुपये और भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग से भी अतिरिक्त राजस्व मिला।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में बाजारों की रौनक बढ़ी है और व्यापारिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका सीधा प्रभाव टैक्स कलेक्शन पर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 94.69 रुपये प्रति लीटर है, जो देश के कई राज्यों से काफी सस्ती है। वहीं डीजल की कीमत 87.80 रुपये प्रति लीटर है, जिससे आम जनता को राहत मिल रही है।

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सरकार का दावा है कि बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेशकों को आकर्षित करने वाली नीतियां और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कारण आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे टैक्स आय में वृद्धि हो रही है। अप्रैल 2025 की तुलना में इस साल टैक्स संग्रह में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है।

वैट, स्टांप ड्यूटी, परिवहन और आबकारी जैसे प्रमुख स्रोतों से मिले राजस्व ने प्रदेश की आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया है। वित्त विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो पूरे वित्तीय वर्ष में राजस्व लक्ष्यों को हासिल करने में आसानी होगी।

यूपी सरकार इन आंकड़ों को अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता के रूप में पेश कर रही है। बढ़ते राजस्व से विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।

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