रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहाँ न केवल फैक्ट्री का निरीक्षण किया, बल्कि ‘चिंतन शिविर’ के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों में नया जोश भी भरा। राज्यपाल ने साफ संदेश दिया कि अगर संस्थान को ऊंचाइयों पर ले जाना है, तो फाइलों की सुस्ती छोड़ पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली को अपनाना होगा।
व्हील शॉप में नई मशीनों का किया लोकार्पण
राज्यपाल ने कारखाने के भीतर पहिया संयंत्र (व्हील शॉप) का दौरा किया। यहाँ उन्होंने अत्याधुनिक मशीनों का लोकार्पण करते हुए तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रायबरेली का यह कारखाना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपनों को हकीकत में बदल रहा है।
चिंतन शिविर: प्रबंधन को दिया ‘दक्षता’ का मंत्र
जन भवन में आयोजित चिंतन शिविर और प्रबंधन दक्षता संवर्धन कार्यक्रम में राज्यपाल का तेवर रणनीतिक नजर आया। उन्होंने अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि केवल काम करना काफी नहीं है, बल्कि आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ ‘रिजल्ट’ देना जरूरी है। राज्यपाल ने ग्रुप डिस्कशन के दौरान नवाचार (Innovation) और पारदर्शी प्रशासन पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य संस्कृति में बदलाव ही किसी संस्थान की सफलता का असली आधार होता है।
महाप्रबंधक ने गिनाईं उपलब्धियां
एमसीएफ के महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने राज्यपाल को कारखाने द्वारा पिछले कुछ वर्षों में हासिल किए गए मील के पत्थरों और रिकॉर्ड उत्पादन की जानकारी दी। वहीं, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक खरे ने कोच और व्हील निर्माण की बारीकियों से उन्हें रूबरू कराया।
पूरा कार्यक्रम गरिमा और उत्साह से लबरेज रहा, जिसने आरेडिका के कर्मचारियों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है।
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