‘स्पेशल क्लास’ में लिखवाए गए थे Questions..’, रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी निकला NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड

NEET पेपर लीक: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा करते हुए कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। कुलकर्णी पुणे के एक रिटायर्ड केमिस्ट्री शिक्षक हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को गुप्त रूप से प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए। करीब 22 लाख छात्रों ने इस वर्ष नीट-यूजी परीक्षा में भाग लिया था, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

अप्रैल में तैयार किया गया था विशेष छात्र समूह

सीबीआई जांच के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों का एक विशेष समूह बनाया था। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी समूह के माध्यम से लीक सामग्री छात्रों तक पहुंचाई गई।

घर पर चलती थी गुप्त ‘स्पेशल क्लास’

जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी ने किसी डिजिटल या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने पुणे स्थित अपने घर पर गुप्त ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ आयोजित की। इन क्लासों में छात्रों को सवाल, विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाए जाते थे। सीबीआई को छात्रों से मिले हस्तलिखित नोट्स की जांच में पता चला कि वे नीट-यूजी 2026 के असली केमिस्ट्री पेपर से पूरी तरह मेल खाते हैं।

Also Read: NEET परीक्षा की नई तारीख घोषित, 21 जून को होगा एग्जाम, जल्द आएगा एडमिट कार्ड

एनटीए प्रक्रिया से जुड़ाव की आशंका

सीबीआई के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के निवासी हैं और एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी रह चुके हैं। लगभग चार वर्ष पहले वह सेवानिवृत्त हुए थे। जांच एजेंसी का मानना है कि कुलकर्णी का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से किसी स्तर पर संबंध था, जिसकी वजह से उन्हें गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली। हालांकि एजेंसी ने अभी उनके सटीक रोल का खुलासा नहीं किया है।

कई राज्यों में सीबीआई की कार्रवाई

इस मामले की जांच 12 मई को सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इससे पहले 7 मई को राजस्थान में पेपर लीक का मामला सामने आया था। जांच के दौरान सीबीआई ने कई राज्यों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सभी की फॉरेंसिक जांच जारी है।

सात आरोपी गिरफ्तार, बिचौलियों का नेटवर्क सामने आया

अब तक जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक और अहिल्यानगर सहित कई शहरों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि बिचौलियों का एक नेटवर्क छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें कथित लीक सामग्री उपलब्ध कराता था।

Also Read: NEET UG में बड़ा बदलाव! अगले साल से ऑनलाइन होगी परीक्षा, CBT मोड में होगा एग्जाम

लातूर की कोचिंग संस्था भी जांच के घेरे में

पेपर लीक मामले में लातूर स्थित रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआई ने संस्थान के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पूछताछ की है।28 सदस्यीय सीबीआई टीम ने उनके घर पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की। हालांकि एजेंसी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कोचिंग संस्थान की इस पूरे नेटवर्क में कितनी भूमिका थी।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)