रायबरेली: तीर्थ नगरी डलमऊ में गंगा की स्वच्छता को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। डलमऊ नगर पंचायत के नालों का दूषित पानी अब सीधे गंगा नदी में नहीं गिरेगा। इसके लिए नगर में एक आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कराया जाएगा।
मंत्री से मिले चेयरमैन
नगर पंचायत डलमऊ के अध्यक्ष पं. ब्रजेशदत्त गौड़ ने गुरुवार को लखनऊ जाकर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नगर की प्रमुख समस्याओं और गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। चेयरमैन ने जोर दिया कि गंगा में गिर रहे नालों की वजह से नदी का जल प्रदूषित हो रहा है, जिसे रोकना डलमऊ की धार्मिक गरिमा और पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
शुद्ध होकर नदी में मिलेगा पानी
नगर विकास मंत्री ने चेयरमैन को आश्वासन देते हुए कहा कि डलमऊ में जल्द ही एसटीपी का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस प्लांट के बन जाने से नालों के पानी को फिल्टर और शुद्ध करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा। इससे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
अन्य विकास कार्यों पर भी चर्चा
ज्ञापन में एसटीपी के अलावा डलमऊ नगर पंचायत के अन्य विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा सुधारने की भी मांग की गई। मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मुलाकात के दौरान शुभम गौड़ समेत अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद रहे।
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