लोकसभा में गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। इस दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा और चर्चा कई बार तीखी नोकझोंक में बदल गई। बहस के केंद्र में महिला प्रतिनिधित्व और परिसीमन की प्रक्रिया रही, जिस पर विभिन्न दलों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। इस दौरान अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) पर भी तंज कसा। जिसके बाद माहौल गरम हो गया।
अखिलेश यादव का स्मृति ईरानी पर तंज
इस बहस के दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने केंद्र सरकार और बीजेपी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये लोग महिलाओं को उनका वास्तविक हक देने की मंशा नहीं रखते। इसी क्रम में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) पर भी तंज कसा और कहा कि ‘वो सास-बहू वाली तो हार गई’, जो राजनीतिक संदर्भ में किया गया एक कटाक्ष था।
सीट आरक्षण और महिला प्रतिस्पर्धा पर बयान
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सीटें आरक्षित कर दी जाएंगी तो महिलाओं के बीच ही आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसी संदर्भ में ‘सास-बहू वाली तो हार गई’ जैसी टिप्पणी आई, जिसे उन्होंने राजनीतिक उदाहरण के तौर पर पेश किया। उनका इशारा महिला आरक्षण के प्रभाव और राजनीतिक परिणामों की ओर था।
अखिलेश यादव के बयान पर स्मृति ईरानी का पलटवार
सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख़ करते हैं।
कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने ज़िंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की।
सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं,
महिलाओं…— Smriti Z Irani (@smritiirani) April 16, 2026
अखिलेश यादव के इस बयान पर अब स्मृति ईरानी का पलटवार सामने आया है, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा की, सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख़ करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने ज़िंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।
महिला आरक्षण, सामाजिक न्याय और सरकार पर सवाल
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है और डॉ. लोहिया के विचारों के अनुसार जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस का समर्थन करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नारी सशक्तिकरण को केवल नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिनके पास कई राज्यों में सरकार है, वहाँ महिलाओं के मुख्यमंत्री कितने हैं, और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के हक से वंचित रखा जा रहा है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)










































