छुट्टियों में बच्चों को मिल रहे संस्कार और योग का प्रशिक्षण, बाल संस्कार शिविर में अनुशासन व समय प्रबंधन का पाठ

कमालगंज : गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए बच्चे इन दिनों योग, वैदिक संस्कृति और नैतिक शिक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। आर्य समाज कमालगंज के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर के दूसरे दिन बच्चों को मातृ-पितृ भक्ति, अनुशासन, समय प्रबंधन और भारतीय संस्कृति के आदर्शों का पाठ पढ़ाया गया। शिविर का वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, योगाभ्यास और प्रेरणादायक शिक्षाओं से संस्कारमय बना रहा।

शिविर के संचालक आचार्य संदीप आर्य ने बच्चों को अभिवादनशील बनने, माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनकी आज्ञा का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ऐसे आदर्श व्यक्तित्वों का निर्माण करती है जो भगवान राम और भगवान कृष्ण की तरह अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहते हैं। उन्होंने बच्चों से जीवन में विनम्रता, अनुशासन और संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया।

आचार्य रामप्रकाश ने ईश्वर भक्ति, सदाचार और परोपकार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलता है, उसे समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। उन्होंने बच्चों को चरित्रवान एवं सेवा भाव से युक्त जीवन जीने की सीख दी।

समय प्रबंधन विषय पर बच्चों को संबोधित करते हुए साहिल कुमार ने कहा कि समय जीवन की सबसे मूल्यवान पूंजी है। जो विद्यार्थी अपने समय का सही उपयोग करते हैं, वही जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित करते हैं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद और दैनिक कार्यों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।

Also Read – डीएम का शहर विकास पर फोकस : नए वेंडिंग जोन, मॉडल शॉप और मल्टीलेवल पार्किंग की तैयारी

शिविर में नेहा आर्या ने बच्चों को यज्ञ एवं संध्या के मंत्रों का अभ्यास कराया तथा उनके अर्थ और महत्व की जानकारी दी। वहीं प्रातःकालीन योग सत्र में आचार्य कमलेश ने विभिन्न योगाभ्यासों का प्रशिक्षण देते हुए बताया कि नियमित योग से स्मरण शक्ति बढ़ती है, एकाग्रता विकसित होती है और शरीर स्वस्थ रहता है। छुट्टियों के दौरान बच्चों का उत्साहपूर्वक योगाभ्यास करना अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है।

शिविर में बच्चों के लिए जलपान एवं अन्य व्यवस्थाओं में वीरेंद्र सिंह और उर्मिला आर्या ने विशेष सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वैभव आर्य, हर्ष आर्य, प्रदीप कुमार, प्रशांत, नीतीश, शिवम, उन्नति, श्रुति दुबे और हिमांशी सहित सभी कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा। कार्यकर्ताओं के समर्पण और सेवा भाव से शिविर का वातावरण अनुशासित, प्रेरणादायी और संस्कारमय बना हुआ है।

आर्य समाज द्वारा आयोजित यह शिविर बच्चों को छुट्टियों के दौरान केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि संस्कार, योग, नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास का मंच भी प्रदान कर रहा है, जिससे उनमें अच्छे नागरिक बनने के गुण विकसित हो रहे हैं।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)