गोरखपुर। बांसगांव से सांसद और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान का लेटरहेड चोरी कर चौरी-चौरा क्षेत्र में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज का डिजाइन बदल दिए जाने का मामला सामने आया है। मूल रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वीकृत Y मॉडल को बदलकर L मॉडल कर दिया गया, जिस पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया गया था।
RTI एक्टिविस्ट ने किया खुलासा
ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और RTI एक्टिविस्ट काली शंकर यादव ने RTI के जरिए इस पूरे मामले की जानकारी निकाली। उन्होंने आंदोलन शुरू कर इस घोटाले को उजागर किया। केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उनके लेटरहेड का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि L मॉडल नहीं, Y मॉडल पर ही पुल बनेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कई जनप्रतिनिधियों के लेटरहेड का दुरुपयोग?
काली शंकर यादव ने दावा किया है कि सिर्फ कमलेश पासवान का ही नहीं, अन्य जनप्रतिनिधियों के लेटरहेड का भी इस मॉडल बदलने में उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि यह खुलासा जल्द ही और किया जाएगा।
एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की भूमिका
काली शंकर के अनुसार, मॉडल बदलने की फाइल शासन के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के पास गुजरी, लेकिन केंद्रीय मंत्री को इसकी भनक तक नहीं लगी। मौके पर काम भी शुरू हो गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर CBI और CBCID जांच की मांग की है।
CM योगी तक पहुंची शिकायत
जब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा और जनता के गुस्से तथा किरकिरी की आशंका हुई, तब मूल Y मॉडल को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
काली शंकर का संकल्प
काली शंकर यादव ने कहा, “लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। कुछ रसूखदारों को फायदा पहुंचाने वाले लेटरहेड अब उन्हीं के गले की फांस बनेंगे। जब तक Y मॉडल बहाल नहीं होता, यह संघर्ष जारी रहेगा।”
यह मामला गोरखपुर में बड़े निर्माण कार्यों में हो रहे अनियमितताओं और लेटरहेड के दुरुपयोग की प्रवृत्ति को उजागर करता है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटा हुआ है।












































